शहडोल जिले के अंतिम छोर पर स्थित पपोध क्षेत्र की ग्राम पंचायत निपनिया उत्तर टोला में नाली निर्माण को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। चक्की तिराहा से लेकर सरपंच के घर के पास तक कराए जा रहे नाली निर्माण में भारी लापरवाही बरती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाली निर्माण पूरी तरह गुणवत्ताविहीन है, जिससे इसकी टिकाऊ क्षमता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत सचिव मनीष सिंह का रवैया पूरी तरह तानाशाहीपूर्ण है। न तो वे पंचायत कार्यालय नियमित रूप से पहुंचते हैं और न ही आम जनता के कार्यों को गंभीरता से लेते हैं। स्थिति यह है कि सचिव सरपंच की बात तक सुनने को तैयार नहीं हैं। इस कारण पंचायत की जनता में भारी नाराजगी व्याप्त है।
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बताया जा रहा है कि सरपंच द्वारा पंचायत सचिव को हटाने की शिकायत पहले भी की जा चुकी है, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर किसकी मेहरबानी से सचिव पर कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि नाली निर्माण के दौरान ना तो जनपद स्तर से और ना ही इंजीनियर द्वारा किसी प्रकार की जांच की जा रही है। ऐसे में निर्माण पूरा होने के बाद यह नाली कितने दिन टिक पाएगी, यह अपने आप में बड़ा सवाल है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि नाली निर्माण की गुणवत्ता की तत्काल जांच कराई जाए, दोषियों पर कार्रवाई हो और पंचायत सचिव को हटाकर निष्पक्ष व्यवस्था बहाल की जाए, ताकि पंचायत में विकास कार्य सही ढंग से हो सकें।

