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सुशासन सप्ताह कार्यक्रम में शामिल हुए पूर्व कमिश्नर वासनिकर

अतुल्य भारत चेतना संवाददाता खुमेश यादव

हम सब मिलकर एक ऐसे शासन की ओर बढ़ें, जो जनता के लिए हो, जनता के साथ हो और जनता के भरोसे पर खरा उतर सके – दिलीप वासनिकर

नारायणपुर, 23 दिसम्बर 2025// प्रशासन गांव की ओर अभियान के तहत केन्द्र एवं राज्य शासन की शासकीय योजनाओं का लाभ जिले के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। सुशासन सप्ताह-प्रशासन गांव की ओर अभियान के तहत् जिले के ग्राम पंचायतों में शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर में प्राप्त होने वाले आवेदनों का निराकरण संबंधित विभागों द्वारा किया जा रहा है। शिविर में शासकीय योजनाओं का ग्रामीणजनों तक पहुंच सुनिश्चित करना है, जिसके तहत् आज जिला पंचायत के सभा कक्ष में पूर्व कमिश्नर दिलीप वासनिकर के आतिथ्य में सुशासन सप्ताह कार्यक्रम आयोजित किया गया।

     पूर्व कमिश्नर वासनिकर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम सब यहाँ “सुशासन सप्ताह” के अवसर पर एक महत्वपूर्ण विचार के साथ एकत्रित हुए हैं। सुशासन केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की साझा प्रतिबद्धता है। सुशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन का प्रत्येक निर्णय जनहित में हो, पारदर्शी हो और समय पर लागू हो।

     उन्होंने कहा कि आज प्रशासन की सफलता का मापदंड यह नहीं है कि कितनी योजनाएँ बनीं, बल्कि यह है कि कितने लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन आया। सूचना का अधिकार और सूचना आयोग नागरिकों को यह शक्ति देते हैं कि वे शासन से सवाल पूछ सकें। जब निर्णय, टेंडर, बजट और योजनाएँ सार्वजनिक पोर्टल पर उपलब्ध होती हैं, तब भ्रष्टाचार स्वतः सीमित हो जाता है। ई-ऑफिस प्रणाली से फाइलों की ट्रैकिंग संभव हुई है, जिससे देरी और मनमानी पर रोक लगी है। आज आवश्यकता है कि प्रत्येक विभाग अपने कार्यों को डिजिटल डैशबोर्ड के माध्यम से सार्वजनिक करे, ताकि जनता स्वयं प्रगति देख सके। ई-गवर्नेंस ने प्रशासन को जन-सुलभ और पारदर्शी बनाया है।

     उन्होंने कहा कि जवाबदेही के बिना सुशासन अधूरा है। सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत तय समय सीमा में सेवाएँ देना अनिवार्य है। देरी होने पर अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाती है। जनसुनवाई और लोक शिकायत शिविर आम जनता को सीधे प्रशासन से जोड़ते हैं। सुशासन तब सफल होता है जब जनता केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि साझेदार बने।

     उन्होंने अंत में कहा कि सुशासन कोई एक सप्ताह का आयोजन नहीं, बल्कि सतत प्रक्रिया है। यह एक निरंतर प्रयास है, बेहतर बनने का, पारदर्शी बनने का और जनोन्मुखी बनने का। यदि प्रशासन ईमानदार हो, तकनीक सुलभ हो और नागरिक जागरूक हों, तो सुशासन केवल लक्ष्य नहीं, बल्कि वास्तविकता बन जाता है। आइए, हम सब मिलकर एक ऐसे शासन की ओर बढ़ें, जो जनता के लिए हो, जनता के साथ हो और जनता के भरोसे पर खरा उतरे।

     कलेक्टर नम्रता जैन ने सुशासन सप्ताह-प्रशासन गांव की ओर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार के जनकल्याणकारी योजनाओं को गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाई जाएगी, जिससे ग्रामीणों को आर्थिक रूप से मदद मिल सकेगी। सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त हुए आवेदनों का निराकरण किया गया है एवं प्रशासन गांव की ओर अभियान के तहत् जिले के सभी ग्राम पंचायतों में शिविर का आयोजन किया जा रहा और ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है।

     जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम ने प्रशासन गांव की ओर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा जिला 1 वर्ष में नक्सल मुक्त होने के साथ सभी क्षेत्रों में आवागमन सुगम होने लगा है। धीरे-धीरे नारायणपुर जिला विकास की ओर अग्रसर हो रहा है। निश्चित रूप से आने वाले समय में विकसित जिला के सूची में शामिल हो सकेगा। अबुझमाड़ क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल जैसे समस्याओं को दूर किया जा रहा है। निश्चित रूप से प्रशासन गांव की ओर कार्यक्रम के माध्यम से मूलभूत सुविधाएं गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही है।

     जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री प्रतापसिंह मण्डावी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों से अबूझमाड़ क्षेत्र के अंदरूनी क्षेत्रों में विकास धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रही है। निश्चित रूप से सभी विभागीय अधिकारी और कर्मचारियों के सहयोग से नारायणपुर जिला विकसित होने लगा है। आने वाले समय में बेहतरीन और विकसित जिला के रूप में शामिल होगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप हमारे जिला विकास की ओर बढ़ रहा है। राज्य सरकार के सभी योजनाओं का लाभ जिले के अंतिम व्यक्तियों को भी मिलने लगा है। राशन कार्ड, आधार कार्ड हो या जाति प्रमाण पत्र हो शिक्षा स्वास्थ्य पेयजल विद्युत इत्यादि सभी सुविधाएं मिलने लगी है। एक दिन हमारा जिला ऐतिहासिक और पर्यटन के क्षेत्र में विकसित होगा।

     अपर कलेक्टर बीरेंद्र बहादुर पांचभाई ने बताया कि जिले में सुशासन से संबंधित पहल के तहत् जिला प्रशासन द्वारा शिकायत निवारण और जनसेवाओं के त्वरित प्रदाय पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जनदर्शन, सुशासन तिहार 2025 एवं विभिन्न शिविरों के माध्यम से नागरिकों की समस्याएं सुनी गईं और उनका समयबद्ध समाधान किया गया।

     इस दौरान बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से अधिकांश का निराकरण किया गया। शिविरों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ पहुंचाया गया तथा दूरस्थ क्षेत्रों में भी प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। जिला प्रशासन के इन प्रयासों से आम जनता को राहत मिली है और शासन-प्रशासन पर विश्वास मजबूत हुआ है।

     जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार पटेल ने बताया कि प्राथमिक और माध्मिक स्कूलों में नाश्ता प्रदाय योजना से बच्चों की उपस्थिति, पोषण और सीखने की प्रक्रिया में सुधार हुआ है। आईआईटी, जेईई और नीट में प्रवेश हेतु 200 छात्र छात्राओं को निशुल्क आवासीय कोचिंग की व्यवस्था की गई है। परियाना दिव्यांग बच्चों का आवासीय परिसर गारांजी में 1ली से 8वीं कक्षा के कुल 62 छात्र छात्राओं के अध्यापन की व्यवस्था की गई है।

     जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि दुर्गम एवं सुदूर क्षेत्रों में प्रसव के समय अस्पताल तक समय पर पहुंचना कठिन होने की समस्या को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष पहल की गई। इसके तहत गर्भवती महिलाओं को प्रसव से पूर्व, स्वास्थ्य केंद्र के समीप सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया तथा एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मितानिनों द्वारा नियमित जांच व निगरानी सुनिश्चित की गई। इस समुदाय आधारित मॉडल के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जिससे संस्थागत प्रसव की दर 26 प्रतिशत से बढ़कर 83 प्रतिशत तक पहुंच गई। इस पहल से उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं का भी सुरक्षित प्रसव संभव हो पाया है।

     जिला कार्यक्रम प्रबंधक एनआरएलएम द्वारा बताया गया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत जिले में महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से अब तक 1,848 महिलाएं ‘लखपति दीदी’ के रूप में चिन्हित की गई हैं। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण और आर्थिक मजबूती का सशक्त उदाहरण है।

     उद्यानिकी विभाग द्वारा जानकारी दिया गया कि उद्यानिकी विभाग की योजनाओं से किसानों को लाभ मिला है। वर्ष 2023-24 में सब्जी की खेती अपनाने वाले किसानों को 1 हेक्टेयर में बैंगन, टमाटर व मिर्च की खेती कर किसानों को लाखों रुपये तक की आय अर्जित किया है। विभागीय मार्गदर्शन से खेती में सुधार हुआ और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

     कार्यक्रम में वरिष्ठजन बृजमोहन देवांगन, नरेन्द्र मेश्राम, जनपद पंचायत अध्यक्ष पिंकी उसेण्डी, जिला पंचायत सदस्य, जनपद पंचायत सदस्य, नगरपालिका पार्षदगण सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

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खुमेश यादव

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