नीमराणा अग्निकांड में अदम्य साहस दिखाने वाले जांबाज सिपाही को मिलेगा डीजीपी डिस्क सम्मान
जयपुर | राजस्थान पुलिस की खाकी एक बार फिर मानवता और साहस की मिसाल बनी है। नीमराणा कस्बे के हीरो चौक स्थित यदुवंशी कॉलोनी में बुधवार रात जय गेस्ट हाउस के बेसमेंट में लगी भीषण आग के दौरान कांस्टेबल सतनाम सिंह ने अपनी जान जोखिम में डालकर पांच युवकों को मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उनकी इस असाधारण बहादुरी पर महानिदेशक पुलिस राजीव शर्मा ने उन्हें डीजीपी डिस्क से सम्मानित करने की घोषणा की है।
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आधी रात में मफलर बांधकर आग में कूदे कांस्टेबल
बुधवार देर रात अचानक गेस्ट हाउस के बेसमेंट में आग भड़क उठी। वहां ठहरे छह युवक घने धुएं और आग की लपटों में फंस गए। चारों ओर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। उसी समय क्षेत्र में रात्रि गश्त पर तैनात कांस्टेबल सतनाम सिंह (नं. 931) को घटना की सूचना मिली।
बिना किसी सुरक्षा उपकरण के, केवल अपने साहस और सूझबूझ के सहारे सतनाम मौके पर पहुंचे। बेसमेंट में धुआं इतना घना था कि सांस लेना मुश्किल हो रहा था, लेकिन उन्होंने अपने मुंह पर मफलर बांधा और धधकती आग के बीच अंदर घुस गए। जान की परवाह किए बिना उन्होंने एक-एक कर बेसमेंट में फंसे युवकों को बाहर निकाला।
पांच जिंदगियां बचीं, एक को नहीं बचाया जा सका
कांस्टेबल सतनाम सिंह ने फंसे सभी छह युवकों को बाहर निकालकर तुरंत मनोहर हॉस्पिटल भिजवाया। दुर्भाग्यवश, आग की भयावहता के कारण एक युवक की जान नहीं बचाई जा सकी, लेकिन सतनाम की तत्परता और साहस से पांच युवकों की जान बच गई।
डीजीपी डिस्क से होगा सम्मान
घटना की जानकारी मिलते ही महानिदेशक पुलिस राजीव शर्मा ने कांस्टेबल सतनाम सिंह के कार्य की सराहना की और उन्हें डीजीपी डिस्क से सम्मानित करने की घोषणा की। डीजीपी ने कहा कि सतनाम सिंह ने अपनी जान की परवाह किए बिना आमजन की रक्षा की है, जो पुलिस बल के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।
उन्होंने कहा कि कांस्टेबल की सूझबूझ, तत्परता और निस्वार्थ साहस ने यह साबित कर दिया कि राजस्थान पुलिस का हर जवान संकट की घड़ी में जनता के लिए ढाल बनकर खड़ा रहता है।

