लोकेसन//सीपत
रीपोर्ट//प्रमोद रजक
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*नवीन पाठ्यपुस्तकों पर आधारित बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान प्रशिक्षण प्रथम चरण प्रशिक्षण सम्पन्न*
सीपत—राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं राज्य शासन के निर्देशों के अनुरूप प्रशिक्षण का आयोजन एससीईआरटी एवं डाइट पेंड्रा से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुरूप तथा जिला शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। इसी कड़ी में मस्तूरी विकासखंड के समस्त प्राथमिक विद्यालयों में अध्यापन की गुणवत्ता को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए नवीन पाठ्यपुस्तकों पर आधारित बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (एफएलएन) विषयक पाँच दिवसीय ऑफलाइन शिक्षक प्रशिक्षण के प्रथम चरण जोन् पन्धी लक्ष्य में 56में 52, मस्तूरी लक्ष्य 56 में 50, पचपेड़ी में लक्ष्य 60 में 60 कुल 162 शिक्षको को प्रथम चरण के प्रशिक्षण में शामिल हुए इस तरह पांचवे दिवस प्रथम चरण प्रशिक्षण का समापन हुआ| बीआरसी भवन मस्तूरी और जोन् पन्धी पचपेड़ी में प्रशिक्षण रखा गया| प्रशिक्षण का उद्देश्य कक्षा 1 से 3 तक के विद्यार्थियों में भाषा एवं गणित की मजबूत नींव तैयार करना है, ताकि बच्चे खेल-खेल एवं गतिविधि आधारित शिक्षण के माध्यम से सहज रूप से सीख सकें।
प्रशिक्षण समापन अवसर पर विकास खंड शिक्षा अधिकारी मस्तूरी शिवराम टंडन,विकास खंड स्त्रोत समन्वयक सूरज कुमार क्षत्री एफ एल एन प्रकोष्ठ प्रभारी प्रमोद कुमार पाण्डेय के आतिथ्य उपस्थिति में विद्या की देवी माँ सरस्वती के चरणों में दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। अतिथियों को बी आर जी समूह द्वारा बुके देकर स्वागत किया गया| प्रथम चरण प्रशिक्षण समापन अवसर पर मस्तूरी बीईओ टंडन ने कहा कि यह प्रशिक्षण शिक्षकों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं व्यवहारिक है, इसमें कक्षा कक्ष में सीधे लागू किए जा सकने वाले नवाचारों, गतिविधियों एवं शिक्षण विधियों पर विशेष बल दिया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि यह प्रशिक्षण पाँच दिवस रोचक एवम गतिविधियों से निरंतर सभी के सहभागिता से प्रथम चरण का प्रशिक्षण सम्पन्न हुआ है| बीआरसीसी मस्तूरी क्षत्री जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि एफएलएन आधारित विषय आधारित नवीन पाठ्यपुस्तकों के मूल स्वरूप कक्षावार दक्षता और कक्षावार लक्ष्यों के बारे में गहनता से चर्चा एवम निर्देश प्रदान किया गया प्रशिक्षण के समापन अवसर पर प्रशिक्षार्थी शिक्षको को सम्मान स्वरूप प्रमाण पत्र और उत्कृष्ठ प्रशिक्षण प्रतिभागी को लेखनी देकर सम्मानित किया गया||प्रशिक्षण अवधि के दौरान शिक्षकों के लिए चाय-नाश्ते एवं जलपान की समुचित व्यवस्था भी की गई । चार चरणों मे आयोजित प्रशिक्षण के बारे में एफएलएन प्रकोष्ठ प्रभारी ने प्रतिवेदन के माध्यम से चरणवार कार्यक्रम एवम उपलब्धि संख्या के बारे में बात रखी|
प्रशिक्षण में बीआरजी प्रशिक्षक के रूप में सावित्री सेन, धीरेंद्र सत्यवेदी, जितेंद्र वैष्णव, अमरदीप भोगल, शंकर लाल कैवर्त, लखेश्वर सिह नेताम, कल्पना सिह, हीरेन्द्र मरावी, जैसे अनुभवी एवं प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षकों द्वारा इस वर्ष प्राथमिक विद्यालयों में लागू की गई हिंदी, गणित एवं अंग्रेजी की नवीन पाठ्यपुस्तकों की विशेषताओं, अध्याय-आधारित गतिविधियों, खेल-आधारित शिक्षण, समूह कार्य, कहानी एवं चित्रों के माध्यम से सीखने की तकनीकों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण सत्रों में यह बताया जा रहा है कि बच्चों में पढ़ने-लिखने की प्रारंभिक क्षमता, संख्या पहचान, जोड़-घटाव जैसी बुनियादी अवधारणाओं को रोचक गतिविधियों के माध्यम से विकसित किया जा सकता है।
योजना के अनुसार कुल पाँच दिवस के प्रशिक्षण में पहले चरण में कक्षा 1 से 3 में अध्यापन कार्य करने वाले शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है, जबकि कक्षा 4 एवं 5 में पढ़ाने वाले शिक्षकों का प्रशिक्षण तीसरे एवं चौथे चरण में आयोजित किया जाएगा। इससे सभी प्राथमिक स्तर के शिक्षकों को चरणबद्ध एवं व्यवस्थित ढंग से प्रशिक्षण का लाभ मिल सकेगा।
प्रशिक्षण अवधि के दौरान विकासखंड एवं जिला स्तर के अधिकारीगण भी समय-समय पर प्रशिक्षण स्थल का भ्रमण कर शिक्षकों का मार्गदर्शन प्रदान करने की कड़ी में एफ एल एन विषय आधारित प्रशिक्षण के राज्य रिसोर्स पर्सन विकास वर्मा, डाइट पेंड्रा प्रभारी अल्का शुक्ला जिला रिसोर्स पर्सन प्रियंका केशरवानी तथा प्रशिक्षण की गुणवत्ता सम्बन्धी मार्गदर्शन दिशा निर्देश प्राप्त हुआ। जोन् के सहयोगी नोडल अधिकारी सेजेश प्राचार्यो के साथ सहायक प्रशिक्षण प्रभारी के रूप में संकुल शैक्षिक समन्वयकों जोन् पन्धी में धर्मेंद्र प्रकाश गौरहा, रमेश पटेल, जोन पचपेड़ी में राहुल भारद्वाज, सुरेंद्र रात्रे और टेक्निकल टीम के रूप में चरण दास महंत, शिवनाथ यादव, दुर्गेश कमलेश का सतत एवम सक्रिय भूमिका का निर्वहन कर रहे है| प्रथम चरण के प्रशिक्षण में प्रतिभागियों शिक्षको के मन मे उत्साह देखने को मिला तथा शिक्षकों ने इसे अपने अध्यापन कौशल को निखारने का एक सार्थक अवसर बताया। यह प्रशिक्षण निश्चित रूप से आने वाले समय में बच्चों की बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।बीआरसी कार्यालय मस्तूरी से कमलेश खोबरागढ़े, हिमांशु शर्मा, विनीता सिह,चंद्र कुमार चंद्राकर, गोपी नायक, जैनेंद्र गुप्ता, दीपक शर्मा का सराहनीय योगदान रहा|

