मेरा युवा भारत गोंडा एवं श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में ललिता सभागार में आयोजन
अतुल्य भारत चेतना (राजेश पाण्डेय)
गोंडा। स्वामी विवेकानन्द जी के जन्मदिवस के अवसर पर राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मेरा युवा भारत गोंडा एवं श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज, गोंडा के संयुक्त तत्वावधान में ललिता सभागार में एक भव्य एवं प्रेरणादायी समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में युवाओं को स्वामी विवेकानन्द जी के विचारों, अनुशासन, आत्मनिर्भरता एवं राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देने पर विशेष बल दिया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. जय शंकर तिवारी, प्राचार्य प्रो. बी.पी. सिंह एवं अन्य अतिथियों द्वारा स्वामी विवेकानन्द जी के चित्र पर पुष्पार्पण कर किया गया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत:

- सरस्वती वंदना
- स्वागत गीत
- युवतियों द्वारा लोकगीत का मंचन
इन प्रस्तुतियों ने सभागार में भक्ति एवं उत्साह का वातावरण बनाया।
मुख्य अतिथियों एवं वक्ताओं के विचार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रमुख वक्ताओं ने स्वामी विवेकानन्द जी के जीवन दर्शन एवं युवा शक्ति पर प्रकाश डाला:

- प्रो. जय शंकर तिवारी (मुख्य अतिथि) ने कहा कि कृतज्ञता मानवीय गुण होना जरूरी है। प्रत्येक जीव अव्यक्त ब्रह्म होता है। उन्होंने युवाओं को विवेकानन्द जी के जीवन कृत्यों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
- प्रो. बी.पी. सिंह (प्राचार्य) एवं प्रो. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि विवेकानन्द जी के विचारों को जीवन में उतारना चाहिए।
- वनस्पति विभागाध्यक्ष एवं अवध प्रान्त महिला प्रमुख, स्वदेशी जागरण मंच ने आत्मनिर्भर समृद्धि एवं समावेशी भारत के निर्माण में स्वदेशी चिंतन को आवश्यक बताया।
- राज्य प्रशिक्षक डॉ. रजनीकान्त तिवारी ने कहा कि यूं ही कोई विवेकानन्द नहीं बन जाता। उन्होंने युवाओं को भीड़ नहीं, जिम्मेदारी उठाने वाली शक्ति माना। विवेकानन्द कोई घटना नहीं थे, वे एक प्रक्रिया थे – अनुशासन, संघर्ष और उद्देश्य की। और यह प्रक्रिया आज भी हर युवा के लिए खुली है।
- मुख्य नियंता प्रो. अमन चन्द्रा ने विवेकानन्द जी के शिकागो उद्बोधन को विस्तार से समझाया।
- विनय श्रीवास्तव (मेरा युवा भारत) ने संगठन के बारे में जानकारी देते हुए उपस्थित युवा शक्ति का धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. मनोज मिश्रा द्वारा किया गया।
पुरस्कार वितरण
कार्यक्रम में प्रतिभागियों एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को शील्ड एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

उपस्थित प्रमुख व्यक्ति एवं युवा
कार्यक्रम में निम्नलिखित गणमान्य व्यक्ति एवं सैकड़ों युवा उपस्थित रहे:
- प्रो. अरविन्द शर्मा
- डॉ. अरुण प्रताप सिंह
- डॉ. अजीत मिश्र
- डॉ. दिलीप सिंह
- डॉ. मनीषा पाल
- डॉ. रचना श्रीवास्तव
- डॉ. योगेन्द्र नाथ श्रीवास्तव
- जिला युवा कल्याण अधिकारी राजीतराम
- पंकज तिवारी
- अर्पित श्रीवास्तव
- शिवम पाठक
- अतिफ़ा नाज
- तान्या
- मुस्कान
- सपना
- अंजली
- सरिता निवेदिता
साथ ही कॉलेज के छात्र-छात्राओं की भारी संख्या में उपस्थिति रही। यह समारोह न केवल स्वामी विवेकानन्द जी के विचारों को याद करने का माध्यम बना, बल्कि युवाओं में राष्ट्र निर्माण, अनुशासन, आत्मनिर्भरता एवं स्वदेशी चिंतन की भावना को प्रज्वलित करने में भी सफल रहा।

