सवाई माधोपुर। रणथम्भौर टाइगर रिजर्व से सटे इलाके में वन्यजीव–मानव संघर्ष की एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। लेपर्ड के हमले में 7 साल के एक मासूम बच्चे की मौत हो गई। मेडिकल रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि लेपर्ड ने बच्चे की गर्दन को करीब 10 मिनट तक जकड़े रखा, जिससे उसकी मौके पर ही हालत गंभीर हो गई और बाद में उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। वन विभाग और पुलिस की मौजूदगी में परिजनों की सहमति के बाद करीब 17 घंटे बाद शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। रिपोर्ट में गर्दन और ऊपरी हिस्से पर गहरे घाव पाए गए हैं, जो लेपर्ड के हमले की पुष्टि करते हैं।
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बताया जा रहा है कि घटना उस क्षेत्र में हुई जो जंगल से सटा हुआ है और जहां अक्सर वन्यजीवों की आवाजाही देखी जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले भी इस इलाके में लेपर्ड की मौजूदगी की शिकायतें की जा चुकी थीं, लेकिन समय रहते ठोस सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए।
घटना के बाद ग्रामीणों में गुस्सा और डर दोनों है। लोग वन विभाग से इलाके में गश्त बढ़ाने, पिंजरे लगाने, ट्रैप कैमरे सक्रिय करने और रिहायशी क्षेत्रों के पास मजबूत बैरिकेडिंग की मांग कर रहे हैं। प्रशासन और वन विभाग की टीमें क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाने और लेपर्ड की गतिविधियों पर नजर रखने में जुटी हैं।
यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि जंगल से सटे रिहायशी इलाकों में वन्यजीवों की आवाजाही को नियंत्रित करने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस व स्थायी कदम कब उठाए जाएंगे।

