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Sun. Jan 11th, 2026

हो गई है जिंदगी दिल्लगी इन दिनों

लगती नहीं जिंदगी जिंदगी इन दिनों

छुते ही फूल बन जाते हैं कांटे

रुख गई है हर खुशी इन दिनों

हमसफ़र की चाहकर चला था मगर

लग रहे हैं सभी अजनबी इन दिनों

किस किसको बताऊं दिले दर्द का किस्सा

हाय अपनी ये बदनसीबी इन दिनों

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प्रमोद कश्यप

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