हो गई है जिंदगी दिल्लगी इन दिनों
लगती नहीं जिंदगी जिंदगी इन दिनों
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छुते ही फूल बन जाते हैं कांटे
रुख गई है हर खुशी इन दिनों
हमसफ़र की चाहकर चला था मगर
लग रहे हैं सभी अजनबी इन दिनों
किस किसको बताऊं दिले दर्द का किस्सा
हाय अपनी ये बदनसीबी इन दिनों
