जिला उज्जैन मध्य प्रदेश
रिपोर्टर अमन गुर्जर उज्जैन
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उज्जैन – उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ-2028 के लिए सरकार ने तैयारियों की गति बढ़ाने के उद्देश्य से उज्जैन निगम कमिश्नर, मेयर और एमआईसी के वित्तीय अधिकार दोगुने कर दिए हैं। बुधवार शाम सिंहस्थ आयोजन के नोडल विभाग नगरीय विकास एवं आवास ने इसके आदेश जारी कर दिए। ये बढ़ी हुई शक्तियां 30 मई 2028 तक लागू रहेंगी। साथ ही, सिंहस्थ से जुड़े कार्यों के लिए शहरी निकायों की सभी वित्तीय शक्तियां मेयर-इन-काउंसिल और प्रेजिडेंट-इन-काउंसिल को सौंप दी गई हैं। उज्जैन मेयर : 10 से 20 करोड़ तक के सिंहस्थ संबंधित कार्यों को मंजूरी दे पाएंगे। निगम कमिश्नरः अब 10 करोड़ रु. तक के कार्यों को स्वीकृति दे सकेंगे। एमआईसी : 20 करोड़ रुपए से अधिक के प्रस्ताव स्वीकृत किए जाएंगे। इसलिए बढ़ाए वित्तीय अधिकारः महाकुंभ 2028 के लिए उज्जैन में जलापूर्ति, सीवेज और सड़कों के बड़े पैमाने पर कार्य चल रहे हैं। इन्हें समय पर पूरा करने के लिए यह वित्तीय अधिकार बढ़ाए हैं। बिना नोटिस किसी भी भवन या परिसर में जाकर निरीक्षण का अधिकार विभाग ने नगरपालिक अधिनियम के सेक्शन 251 के अधिकार अब एमआईसी को दे दिए हैं। इसके तहत निकायों को बिना नोटिस किसी भी भवन या परिसर में जाकर निरीक्षण कर कार्रवाई करने का अधिकार होता है। इसका उद्देश्य नियमों का उल्लंघन, टैक्स वसूली, स्वच्छता और अन्य निरीक्षण कार्य शामिल हैं। यह कदम उज्जैन निगम को अधिक शक्तियां देने के लिए उठाया गया है, ताकि उन्हें बार-बार भोपाल आकर अनुमति न लेनी पड़े। इसके पहले, 2023 में वित्तीय अधिकार बढ़ाए गए थे। मप्र सरकार ने अगस्त 2023 में नगरीय निकायों के वित्तीय अधिकार दोगुना किए थे। इसके अनसार मेयर 10 करोट तक निगम कमिश्नर 5 करोड़ तक के कामों को मंजूरी दे सकते हैं। एमआईसी को 20 करोड़ तक के कार्यों की स्वीकृति देने का अधिकार मिला था।

