Breaking
Sun. Jan 11th, 2026

Mathura-Vrindavan News: सीता जी के विवाह में वृंदावन की कथावाचिका मोहिनी दासी ने चढ़ाई हल्दी

सीता जी के विवाह में वृंदावन की कथावाचिका मोहिनी दासी ने चढ़ाई हल्दी

नेपाल के जनकपुर में राम-सीता कथा कह कर लौटीं प्रवक्ता का अभिनंदन

विवाह पंचमी पर सीता जी को हल्दी के साथ दूसरी रस्में पूरी कीं

अतुल्य भारत चेतना (दिनेश सिंह तरकर)

मथुरा/वृंदावन। प्रसिद्ध कथावाचिका मोहिनी कृष्ण दासी ने सीता जी के जन्म स्थान जनकपुर के जुगल जोड़ी बिहार कुंठ मंदिर परिसर में राम-सीता विवाहोत्सव के उपलक्ष्य में श्रीराम कथा का अत्यंत भावपूर्ण वाचन किया। हजारों भक्तों ने शामिल होकर राम–सीता लीला का दिव्य रस ग्रहण किया। कथा वाचन कर वृंदावन लौटने पर मोहिनी कृष्ण दासी का गीता शोध संस्थान वृंदावन के सभागार में अभिनंदन किया गया। जनकपुर स्थित जुगल जोड़ी बिहार कुंठ में आयोजित यह वार्षिक महोत्सव जनकराज की पुत्री सीता जी के पाणिग्रहण संस्कार की स्मृति में संपन्न हुआ। पूरे आयोजन में वृंदावन के गोप–गोपी सेवा संस्थान के अध्यक्ष शिवम लगातार उनके साथ रहे।

कथा एवं उत्सव के दौरान अनेक संतों, महंतों, साध्वियों और भक्तों की उपस्थिति से वातावरण भक्ति से सराबोर रहा। सभी अनुष्ठान महंत कामेश्वर शरण के सान्निध्य में पूरे हुए। कथा में मोहिनी कृष्ण दासी ने बताया कि भगवान श्रीराम कर्तव्य और मर्यादा के प्रतीक हैं, जबकि माता सीता त्याग, पवित्रता और आदर्श स्त्रीत्व की मूर्ति हैं। उनका विवाह दो आत्माओं ही नहीं, बल्कि दो आदर्शों और संस्कारों का दिव्य संगम है। पहले दिन नगर दर्शन और शोभायात्रा, दूसरे दिन फुलवारी लीला, तीसरे दिन मटकोर–तिलक–हल्दी की रस्में, और चौथे दिन वैदिक रीति से सम्पन्न दिव्य विवाहोत्सव तथा कालेवा समारोह ने पूरे महोत्सव को अविस्मरणीय बना दिया।

Author Photo

News Desk

Responsive Ad Your Ad Alt Text
Responsive Ad Your Ad Alt Text

Related Post

Responsive Ad Your Ad Alt Text