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बागेश्वर धाम में सनातन क्रांति की लहर: डॉ. कुमार विश्वास ने प्राप्त किए बालाजी महाराज के दुर्लभ दर्शन

अतुल्य भारत चेतना | नीरज कुमार

छतरपुर, 5 दिसंबर 2025 (विशेष संवाददाता): मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के प्रसिद्ध बागेश्वर धाम में आज एक ऐसी घटना घटी, जिसने सनातन धर्म के अनुयायियों में उत्साह और श्रद्धा की नई लहर पैदा कर दी। सनातन क्रांतिकारी चिंतनधारा के प्रमुख प्रतिनिधि युगवक्ता तथा हिंदी साहित्य के जगतप्रसिद्ध कवि डॉ. कुमार विश्वास ने बालाजी महाराज के पावन दरबार में हाजिरी लगाई। यहां उन्होंने न केवल दिव्य दर्शन प्राप्त किए, बल्कि पूज्य बागेश्वर सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज से दुर्लभ आशीर्वाद भी हासिल किया। यह घटना सनातन मूल्यों की पुनर्स्थापना और आध्यात्मिक जागरण के संकल्प को मजबूत करने वाली मानी जा रही है।

बागेश्वर धाम, जो स्वयंभू हनुमान जी की दिव्य कृपा से विश्वविख्यात है, आज सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ से गूंज रहा था। डॉ. कुमार विश्वास का आगमन धाम के लिए किसी तीर्थराज की यात्रा के समान था। सनातन क्रांतिकारी चिंतनधारा के प्रतिनिधि के रूप में उनका यह दौरा सनातन धर्म की अखंड ध्वजा को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रेरित था। विश्वास जी, जो अपनी काव्यात्मक अभिव्यक्ति और राम-कथा के माध्यम से लाखों दिलों को छूते हैं, ने धाम पहुंचते ही बालाजी महाराज के चरणों में शीश नवाया। स्रोतों के अनुसार, उन्होंने विशेष रूप से अर्जी लगाकर दिव्य दरबार में प्रवेश किया, जहां पूज्य गुरुदेव ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से आशीर्वाद प्रदान किया।

सनातन क्रांति का संदेश: विश्वास जी की उपस्थिति का महत्व

डॉ. कुमार विश्वास, जिन्हें ‘अपने-अपने राम’ सत्रों के लिए जाना जाता है, सनातन चिंतनधारा के मजबूत स्तंभ हैं। उनकी कविताएं और वक्तव्य न केवल साहित्यिक हैं, बल्कि सनातन मूल्यों जैसे मर्यादा, मानवता और राम-आदर्शों को जीवंत करने वाले हैं। आज के दर्शन के दौरान उन्होंने भक्तों को संबोधित करते हुए कहा, “सनातन क्रांति का अर्थ है राम-पथ पर अविचल रहना। बालाजी महाराज की कृपा से यह संकल्प और मजबूत होता है।” यह बयान धाम के सैकड़ों श्रोताओं ने सुना, जिनमें युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी शामिल थे।

पूर्व के दौरे याद करते हुए, विश्वास जी ने उल्लेख किया कि बागेश्वर धाम उनके लिए हमेशा से प्रेरणा स्रोत रहा है। 2024 में वे यहां रामकथा सुना चुके हैं, जहां उन्होंने ‘चमत्कारी’ पेड़ का भी दर्शन किया था। आज का यह दौरा भी उसी परंपरा का हिस्सा है, जहां वे सनातन यात्रा के माध्यम से देशभर में जागरण फैला रहे हैं। बागेश्वर सरकार के साथ उनका यह नजदीकी रिश्ता सनातन एकता का प्रतीक बन गया है।

धाम का वैभव और भक्तों की भारी भीड़

बागेश्वर धाम, ग्राम गढ़ा (छतरपुर) में स्थित, हनुमान जी के स्वयंभू मंदिर के लिए जाना जाता है। यहां हर मंगलवार और शनिवार को दिव्य दरबार लगता है, लेकिन आज का विशेष अवसर भक्तों के लिए दुर्लभ था। सुबह 8 बजे से ही प्रवेश द्वार पर लंबी कतारें लगीं, और विश्वास जी के आगमन पर जयकारों की गूंज से वातावरण गुंजायमान हो गया। धाम के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, आज करीब 50 हजार से अधिक भक्त दर्शन के लिए पधारे, जिनमें दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से विशेष रूप से लोग शामिल हुए।

दर्शन के बाद विश्वास जी ने धाम परिसर में संक्षिप्त सत्संग भी किया, जहां उन्होंने रामचरितमानस के दोहों का रसपान किया। एक भक्त ने बताया, “विश्वास जी की वाणी सुनकर ऐसा लगा जैसे राम जी स्वयं बोल रहे हों। यह सनातन क्रांति का नया अध्याय है।”

आगामी कार्यक्रम और संदेश

यह दर्शन बागेश्वर धाम के आगामी कथा अनुसूची का भी हिस्सा माना जा रहा है। 7 से 11 दिसंबर तक संस्कार चैनल पर लाइव होने वाली कथाओं में सनातन जागरण पर विशेष जोर होगा। विश्वास जी ने भक्तों से अपील की कि वे सनातन मूल्यों को अपनाएं और क्रांति के पथ पर चलें। पूज्य बागेश्वर सरकार ने भी आशीर्वाद देते हुए कहा, “सनातन की ध्वजा कभी झुकेगी नहीं। कुमार विश्वास जैसे योद्धा ही इसे मजबूत करेंगे।”

यह घटना न केवल आध्यात्मिक जगत के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि सनातन समाज के लिए एक नई ऊर्जा का संचार करने वाली साबित हुई। भक्तों का मानना है कि बालाजी महाराज की कृपा से देश में शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा।

जय बालाजी! जय सनातन! 🚩

(नोट: यह समाचार सनातन क्रांतिकारी चिंतनधारा के आधिकारिक स्रोतों और बागेश्वर धाम की जानकारी पर आधारित है। अधिक अपडेट के लिए धाम की आधिकारिक वेबसाइट या यूट्यूब चैनल देखें।)

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News Desk

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