चिकित्सा संस्थानों की विश्वसनीयता ‘रोगी संतुष्टि’ पर निर्भर -जिला कलेक्टर उत्सव कौशल
रिपोर्टर मनमोहन गुप्ता
*ओपीडी से लेकर दवा वितरण तक की व्यवस्थाओं का किया सघन निरीक्षण*
डीग – चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और आमजन को राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, जिला कलेक्टर डीग, श्री उत्सव कौशल ने मंगलवार को राजकीय उप जिला चिकित्सालय, कामां का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल प्रबंधन, आधारभूत सुविधाओं और मानव संसाधन की उपलब्धता का व्यापक मूल्यांकन किया।
*आधारभूत सुविधाओं और जांच सेवाओं का तकनीकी मूल्यांकन*
जिला कलेक्टर ने निरीक्षण की शुरुआत ओपीडी और आईपीडी विंग से की। उन्होंने अस्पताल की विभिन्न इकाइयों का सूक्ष्मता से अवलोकन किया:
*डायग्नोस्टिक सेवाएं:* उन्होंने रेडियोलॉजी विभाग (X-Ray) और ईसीजी (ECG) कक्ष का निरीक्षण कर उपकरणों के रखरखाव और सुरक्षा मानकों की जाँच की। उन्होंने निर्देश दिए कि मरीजों को जांच रिपोर्ट निर्धारित समय सीमा के भीतर उपलब्ध करवाई जाए, ताकि उनके उपचार में विलंब न हो।
*औषधि प्रबंधन:* निःशुल्क दवा वितरण केंद्र और ड्रग वेयरहाउस का निरीक्षण करते हुए उन्होंने स्टॉक रजिस्टर और दवाओं की उपलब्धता का मिलान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना’ का लाभ प्रत्येक पात्र मरीज को मिलना चाहिए और जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता 24×7 सुनिश्चित रहनी चाहिए।
*डिजिटलीकरण और रिकॉर्ड:* उन्होंने कंप्यूटर कक्ष में टीबी मुक्त अभियान और अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के डेटा संधारण की स्थिति देखी और ऑपरेटरों को रियल-टाइम एंट्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
*चिकित्सकीय नैतिकता और कार्य-व्यवहार पर जोर*
निरीक्षण के उपरांत जिला कलेक्टर ने चिकित्सालय प्रभारी और उपस्थित चिकित्सकों को बताया कि चिकित्सा सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि एक मानवीय दायित्व है। उन्होंने निर्देश दिए कि:
*समयबद्धता:* ओपीडी और आपातकालीन सेवाओं में चिकित्सकों और अन्य स्टाफ की उपस्थिति निर्धारित रोस्टर के अनुसार सुनिश्चित की जाए।
*रोगी संवाद:* मरीजों और उनके परिजनों के साथ संवाद में मृदुता और संवेदनशीलता का परिचय दिया जाए, जिससे चिकित्सालय के प्रति जन-विश्वास सुदृढ़ हो सके।
*स्वच्छता मानकों पर कड़े निर्देश*
अस्पताल परिसर, वार्डों और गलियारों में भ्रमण के दौरान जिला कलेक्टर ने स्वच्छता मानकों का भी आकलन किया। बायो-मेडिकल वेस्ट निस्तारण और सामान्य साफ-सफाई को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता रेखांकित की गई।
इस संदर्भ में, उन्होंने संबंधित सफाई संवेदक को निर्देशित किया कि वह आगामी 07 दिवस के भीतर सफाई व्यवस्था में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित समयावधि में अपेक्षित सुधार नहीं होता है, तो नियमानुसार अनुबंध निरस्त करने की कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी।


