सरकारी विभागों की अनदेखी व आमजन की परेशानी को देख आगे आये युवा
रिपोर्टर मनमोहन गुप्ता
इसे भी पढ़ें (Read Also): धार जिले में आबकारी विभाग के द्वारा चलाये जा रहे अभियान मे आबकारी वृत्त मनावर में अवैध मदिरा केंद्र पर कार्यवाही कर 34(2) का 01 प्रकरण दर्ज किया गया
स्वयं के खर्चे से भर रहे हैं सरकारी गड्डे,हो रही है प्रसंशा
कामां – कामां क्षेत्र की सड़कों की बदहाल स्थिति और सरकारी विभागों की लगातार अनदेखी ने आम जनता की परेशानियां कई गुना बढ़ा दी हैं। जगह-जगह हो रहे बड़े-बड़े गड्डे, टूटे किनारे और महीनों से जमा कचरे ने न केवल आवागमन को बाधित किया, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ा दिया। कई बार शिकायतें दर्ज कराने और अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने के बावजूद कोई ठोस कदम न उठाए जाने से लोगों में नाराजगी और निराशा बढ़ती जा रही थी। ऐसे समय में क्षेत्र के युवा आदित्य शर्मा, दीपक गर्ग, विश्वनाथ शर्मा (बाबा अखबार वाले), मयंक शर्मा, लक्की सोनी, भानु सोनी, भाव्या गर्ग और कन्हैया ने आगे बढ़कर समाजसेवा का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है जिसने पूरे इलाके को प्रेरित कर दिया।
इन युवाओं ने बिना किसी सरकारी सहयोग के स्वयं सड़क में हो रहे गड्डों को मिट्टी व ईंट-पत्थरों से भरने का कार्य शुरू किया। उनकी मेहनत से न केवल सड़कें पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुगम बनीं, बल्कि आसपास के निवासियों में भी जागरूकता आई कि समाज की समस्याएं केवल सरकार के भरोसे छोड़ देने से हल नहीं होतीं। इन युवाओं ने यह साबित कर दिया कि यदि प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल हो जाए, तो समाज की एकजुटता और स्वेच्छा से किया गया श्रम बड़ा बदलाव ला सकता है। उनकी इस पहल ने पूरे क्षेत्र में उम्मीद जगाई है।
दीपक गर्ग, बाबूलाल शर्मा का कहना है कि हम पहले गड्डों का अवलोकन करते हैं फिर बजट एकत्रित करते हैं ! सड़कों के गड्ढे भरने का काम फिलहाल हम स्वयं के खर्चे से कर रहे हैं। दीपक गर्ग ने आमजन से भी अपील की है कि अगर किसी के घर दुकान पर बजरी सीमेंट के कार्यो में बच रहा हो तो वो हमें संपर्क करे जिससे हम कामां शहर के बाकी के गड्ढों को भर सकें और आमजन से अपील कर कहा है कि अपनी जिम्मेदारियो को समझे ! इन युवाओं ने यह भी कहा कि यदि प्रशासन समय पर कार्रवाई कर देता, तो लोगों को यह परेशानी झेलनी ही नहीं पड़ती। उन्होंने क्षेत्रीय अधिकारियों से अपील की है कि केवल कागजों पर योजनाएं बनाने से कुछ नहीं होगा-जमीन पर काम दिखना चाहिए। इनकी इस सेवा भावना ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि समाज की वास्तविक शक्ति जनता के हाथ में है। यदि सरकार अपनी जिम्मेदारियों से पीछे हट जाए, तो जनता एकजुट होकर भी बड़ा बदलाव ला सकती है। हालाकि प्रसंसनीय कार्य करने वाले टीम लीडर दीपक गर्ग व बाबूलाल शर्मा ने बताया कि हमे ये कार्य करने में भी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है परन्तु हम अपने इस कार्य से नही हटेंगे !

