*स्वच्छ भारत मिशन को चार चांद लगाता कामां नगरपालिका की साफ-सफाई व्यवस्था*
रिपोर्टर मनमोहन गुप्ता कामां डीग
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कामां – कस्बे कामां के बाजारों में गंदगी का बहुत बुरा आलम है। हर जगह कूड़े के ढेर और बीच सड़क और गलियों में कचरा फैला नज़र आता है , जिससे आम राहगीरों और कस्वेवासियो का इस गंदगी से निकलना बहुत मुश्किल भरा हो रहा है। दिन भर दुर्गंध और गंदगी की वजह से तमाम तरह की बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है। सुबह 11 बजे तक बीच सड़कों पर गंदगी,कूड़े के ढेर लगे रहते हैं और फिर कूड़े उठाने वाले ट्रैक्टर में कुछ इस तरह कूड़ा भरकर ले जाया जाता है जिससे कूड़े के जाने के बाद भी बीच सड़क पर इस तरह कूड़ा फैला पड़ा रहता है। जिससे कूड़ा उठा ना उठा बराबर है ! वाह फेम कवि डी के मित्तल का कहना है कि ये हालात सिर्फ कामां के मुख्य बाजार त्रिकुटिया का ही नही अपितु कामां कस्वे के वार्ड, गलियों का भी है जहाँ सफाईकर्मी ट्रेक्टर में कूड़ो को सही से नही डालते हैं फलस्वरूप कूड़ा कुछ सड़क पर पूरी तरह फैला रहता है ! को बोल बड़ा सवाल ये उठता है कि कामां नगरपालिका प्रशासन क्या सड़क और साफ सफाई व्यवस्था के प्रति कोई उचित कदम उठाएगी ? क्या कस्वेवासियो को इसी तरह गंदगी के आलम में रहना होगा ! कूड़े के ढेरों में पनप रहे जहरीले कीड़े कई जानलेवा बीमारी को पैदा कर रहे हैं जिससे बच्चे बुजुर्ग बीमार पड़ रहे हैं ! क्या इन सबकी जिम्मेदारी नगरपालिका उठा पाएगी , क्या जिम्मेदारी पार्षद की नही बनती क्या जिम्मेदारी नगरपालिका प्रशाशन की नही बनती है ! क्या नगरपालिका जरा भी सजग नहीं होगी ? क्या कामां के आम नागरिकों को इसी तरह गंदगी में और जीना पड़ेगा? अगर यही हालात रहे तो आमजन उग्र आंदोलन कर सकता है ! नगरपालिका की ये कार्यशैली ओर प्रश्न चिन्ह बनकर रह गया है !क्या निजात दिला पायेगा नगरपालिका प्रशासन आमजन कस्वेवासियो को इन गंदगी के ढेरों से होने वाली बीमारियों से , पूछता है हर आमजन

