जैसलमेर।(सी आर देवपाल जैसलमेर)। जिला उपभोक्ता आयोग ने एक महत्वपूर्ण कार्यवाही में कई परिवादों पर सुनवाई करते हुए संबंधित आवेदकों को उनकी जमा करवाई गई राशि वापस लौटाने के उपभोक्ता आयोग ने आदेश जारी किया है। इस संबंध में निजी सचिव सुधांश सोनी ने बताया कि परिवादीगणों द्वारा अलग अलग परिवाद प्रस्तुत कर मोहन कृपा क्रेडिट को-आपरेटिव सोसायटी जैसलमेर में अपनी जमा की गयी राशि ब्याज सहित मय हर्जा खर्चा दिलाये जाने का निवेदन किया है।जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष एवं पीठासीन अधिकारी पवन कुमार ओझा एवं सदस्य नरेंद्र सिंह गढ़वाल ने परिवाद के साथ प्रस्तुत दस्तावेजी साक्ष्यों में पाया कि पूरण सिंह द्वारा कुल राशि रु 81900 रुपये खेत सिंह द्वारा कुल राशि रु 81900 रुपये चिम्माराम द्वारा कुल राशि रु 17900 रुपये हुकम सिंह द्वारा कुल राशि रु 81900 रुपये भंवरूराम के कायम मुकाम श्रीमती जमना देवी पत्नी मदनराम पुत्र कुल राशि रु 81900 रुपये जगदीश सिंह द्वारा कुल राशि रु 85100 रुपये मगाराम द्वारा कुल राशि रु 25900 रुपये जमा करवायी गयी थी। मोहन कृपा केडिट कॉ ओपरेटिव सोसायटी ने नियमानुसार राशि मय ब्याज जमा तिथि से 48 माह बाद भुगतान का वचन दिया था। सभी परिवादीगणों ने जमा प्रमाण पत्र प्रस्तुत किये परंतु सोसायटी ने जमा प्रमाण पत्र के अनुसार निर्धारित अवधि के बाद जमा राशि ब्याज सहित भुगतान न कर सेवादोष एवं अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस की है। सोसायटी का उक्त कृत्य अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में आता है। अतः सोसायटी को आदेशित किया गया कि वह परिवादियो को उनकी जमा राशि पर परिपक्वता तिथि को देय राशि उस पर परिवाद पेश करने की तारीख से ताअदायगी तक 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से ब्याज अदा करें। आर्थिक मानसिक क्षति एवं परिवाद व्यय पेटे एकमुश्त 20000 अक्षरे बीस हजार रुपये तथा नोटिस अखबार प्रकाशन खर्च पेटे 2100 रुपये दो हजार एक सौ रुपये प्रत्येक परिवादीगण को अलग-अलग से अदा करें। आदेश की पालना निर्णय की तिथि से 45 दिन में की जावें।
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