अतुल्य भारत चेतना
सुरेश कुमार चौधरी
टीकमगढ़/मध्य प्रदेश। टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ व खरगापुर तहसील क्षेत्र में रबी फसल के लिए खाद की भारी किल्लत से किसान परेशान हैं। सोमवार को खरगापुर में सैकड़ों किसानों ने खाद नहीं मिलने से आक्रोशित होकर चक्का जाम कर दिया। किसानों ने क्षेत्रीय अधिकारियों पर मनमानी और पक्षपात का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। काफी देर तक चले हंगामे के बाद अधिकारियों की समझाइश पर चक्का जाम खत्म हुआ।
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मंगल भवन पर रोज लग रहा किसानों का जमावड़ा बल्देवगढ़ के मंगल भवन सहित खरगापुर में खाद वितरण केंद्रों पर रोजाना सैकड़ों किसान सुबह से लाइन लगाते हैं, लेकिन शाम तक अधिकांश को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि चुनिंदा लोगों को ही खाद दी जा रही है, जबकि इमानदारी से दिन भर लाइन में खड़े किसानों का नंबर ही नहीं आ पाता।

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किसानों ने सुनाई व्यथा
- सुरेश कुमार अहिरवार (सूरजपुर) और घनेंद्र यादव (लखेरी) ने बताया, “पूरे दिन लाइन में खड़े रहते हैं, नंबर आते-आते शाम हो जाती है। फिर बोला जाता है कि खाद खत्म हो गई। रोज यही नाटक चल रहा है।”
- किसानों ने कहा कि समय पर खाद न मिलने से खेतों में बुवाई-जुताई नहीं हो पा रही है। प्राइवेट दुकानदार मनमाने दाम वसूल रहे हैं, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण नकद खरीद भी मुश्किल हो रही है।
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कलेक्टर के निर्देश भी बेअसर कलेक्टर विवेक श्रोतिय के बार-बार निर्देश देने के बावजूद जमीनी स्तर पर खाद वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। किसानों का कहना है कि अधिकारी मौके पर आकर सिर्फ समझा-बुझाकर चले जाते हैं, लेकिन खाद वितरण में कोई सुधार नहीं हो रहा। खिड़कियों पर धक्का-मुक्की और मारामारी आम बात हो गई है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही खाद की समुचित व्यवस्था नहीं की गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रशासन से मांग की गई है कि क्षेत्रीय जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो और खाद वितरण को पारदर्शी बनाया जाए। फिलहाल क्षेत्र में खाद संकट को लेकर किसानों में भारी रोष व्याप्त है।

