पुलिस लाइन परिसर में विकसित हो रहा “हरित उद्यान”, बेस्टेज पानी से हो रही सिंचाई
अतुल्य भारत चेतना
सुरेश कुमार चौधरी
टीकमगढ़/मध्य प्रदेश। जिले में पर्यावरण संरक्षण को नई ऊँचाई देने के लिए पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई ने अनूठी पहल शुरू की है। पुलिस लाइन परिसर में “माँ की बगिया” नाम से एक सुंदर हरित उद्यान विकसित किया जा रहा है, जिसमें फलदार, फूलदार और छायादार पौधों का बड़े पैमाने पर रोपण हो रहा है।
इसे भी पढ़ें: दुबई में स्किल्ड जॉब के अवसर और सैलरी की पूरी जानकारी!
10,000 से अधिक पौधों का सफल रोपण
पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में रक्षित निरीक्षक की देखरेख में अब तक परिसर में 10,000 से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। सभी पौधों की सुरक्षा के लिए मजबूत फेंसिंग की गई है ताकि उनकी वृद्धि पूरी तरह सुरक्षित रहे।

इसे भी पढ़ें (Read Also): जय श्री महाकाल के घोष से गूंज उठा श्री बैजनाथ महादेव मंदिर परिसर
बेस्टेज पानी को शुद्ध कर सिंचाई – जल संरक्षण का अनुकरणीय मॉडल
इस हरित उद्यान की सबसे खास बात यह है कि सिंचाई के लिए पुलिस लाइन आवास से निकलने वाले बेस्टेज पानी को शुद्ध करके उपयोग किया जा रहा है। यह प्रयास जल संरक्षण और संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करता है।
SP की भावनात्मक अपील : “एक पेड़ माँ के नाम”
पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई ने जिले के सभी नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और युवाओं से भावुक अपील की है कि हर व्यक्ति “एक पेड़ माँ के नाम” अवश्य लगाए और उसकी देखभाल करे। उन्होंने कहा कि माँ ने हमें जीवन दिया, अब हम माँ के नाम पर पेड़ लगाकर प्रकृति को जीवन दें।
इसे भी पढ़ें: कम बजट में मिलने वाली कारें, उनके महत्वपूर्ण फीचर्स एवं कंपनी से जुड़ी जानकारी
माँ की बगिया – संवेदनशील पुलिसिंग का प्रतीक
“माँ की बगिया” केवल एक उद्यान नहीं, बल्कि पुलिस विभाग की पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और दूरदृष्टि का प्रतीक बन रही है। यह पहल साबित करती है कि सामूहिक प्रयासों से जिला को अधिक हरित, स्वच्छ और जीवनदायिनी बनाया जा सकता है। SP मनोहर सिंह मंडलोई की इस अनूठी पहल को जिले भर में सराहा जा रहा है और लोग इसे “हरित क्रांति की मिसाल” बता रहे हैं।

