अतुल्य भारत चेतना
अखिल सुर्यवंशी
छिंदवाड़ा। लायंस क्लब परासिया चान्दामेटा के तत्वावधान में आयोजित “ग्लोबल लायंस मेंटल हेल्थ एंड वेलबीइंग सर्विस वीक” ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का एक अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। मूल रूप से 4 से 12 अक्टूबर तक निर्धारित इस सप्ताहिक अभियान को बढ़ाकर 23 अक्टूबर तक विस्तारित किया गया, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक सकारात्मक सोच और मानसिक कल्याण का संदेश पहुंचाया जा सके। यह वैश्विक पहल लायंस क्लब्स इंटरनेशनल की ओर से 2025 में शुरू की गई पहली “मेंटल हेल्थ एंड वेलबीइंग सर्विस वीक” का हिस्सा थी, जो विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस (10 अक्टूबर) के साथ संयोग रखती है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद से मुक्ति दिलाना तथा सकारात्मक सोच को अपनाकर जीवन की प्रगति सुनिश्चित करना था। लायंस इंटरनेशनल के अनुसार, पिछले वर्ष जुलाई 2024 से जून 2025 तक वैश्विक स्तर पर 15,222 मानसिक स्वास्थ्य गतिविधियों के माध्यम से 24 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच बनाई गई, जो पूर्व वर्ष की तुलना में 857% की वृद्धि दर्शाती है।

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विविध कार्यक्रमों की झलक: जागरूकता से कार्यान्वयन तक
इस अभियान के दौरान विभिन्न आयु वर्गों और समुदायों को लक्षित कर बहुआयामी कार्यक्रम आयोजित किए गए, जो न केवल जागरूकता फैलाने बल्कि व्यावहारिक कौशल प्रदान करने पर केंद्रित थे। मुख्य कार्यक्रम निम्नलिखित रहे:
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- आकाशवाणी प्रसारण (6 अक्टूबर): “विविधा में चर्चा” कार्यक्रम के अंतर्गत मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष प्रसारण किया गया। इसमें विशेषज्ञों ने तनाव प्रबंधन और सकारात्मक सोच के महत्व पर प्रकाश डाला, जो स्थानीय समुदायों तक व्यापक रूप से पहुंचा।

- स्कूली प्रतियोगिताएं (9-10 अक्टूबर): विश्व दृष्टि दिवस (9 अक्टूबर) और विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस (10 अक्टूबर) के अवसर पर सात प्रमुख विद्यालयों में चित्रकला, निबंध लेखन एवं आर्ट प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। इनमें शामिल थे:
- परासिया पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल
- अर्चना कॉन्वेंट हाई स्कूल
- सी.एम. राइज स्कूल
- नवीन शासकीय आदर्श कन्या हाई स्कूल
- सेंट चावरा नेशनल एकेडमी, चांदामेटा
- हैप्पी किड्स पब्लिक स्कूल
- फ्लोवरवेल हायर सेकेंडरी स्कूल, चांदामेटा
- कार्यशालाएं एवं विशेष सत्र:
- शासकीय पी.जी. कॉलेज, छिंदवाड़ा में “तनाव, चिंता एवं सफलता” विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें छात्रों को तनाव से निपटने की रणनीतियां सिखाई गईं।
- गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल, चांदामेटा में “आत्मविश्वास निर्माण पर NLP एवं हिप्नोसिस” पर फोकस किया गया, जो न्यूरो-लिंग्विस्टिक प्रोग्रामिंग (NLP) और हिप्नोसिस तकनीकों के माध्यम से आत्मविश्वास बढ़ाने पर केंद्रित था।
- फ्लोवरवेल स्कूल, चांदामेटा में “फियर एंड स्ट्रेस-फ्री लाइफ” विषयक सत्र ने भय और तनाव मुक्त जीवन जीने के उपाय सुझाए।
- ग्लोबल इनोवेटिव स्कूल में “मेमोरी एवं सक्सेस माइंडसेट” पर चर्चा हुई, जिसमें स्मृति वृद्धि और सफलता की मानसिकता विकसित करने पर जोर दिया गया।

- स्वास्थ्य एवं वरिष्ठ नागरिक केंद्रित सत्र:
- लायंस आई हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, परासिया में स्टाफ एवं नागरिकों के लिए “स्ट्रेस-फ्री वर्क कल्चर” पर विशेष सत्र आयोजित किया गया, जो कार्यस्थल पर तनाव न्यूनीकरण के व्यावहारिक टिप्स प्रदान करने वाला था।
- “60 के बाद भी ज़िंदगी मुस्कुराती है” विषय पर पेंशनर्स एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रेरणादायक सत्र Zoom ऐप के माध्यम से ऑनलाइन प्रसारित हुआ, जिसमें वृद्धावस्था में मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने के रहस्य साझा किए गए।
- दैनिक प्रेरणादायक सत्र (4-12 अक्टूबर): प्रत्येक प्रातः 7 से 8 बजे तक अलग-अलग विषयों पर ध्यान अभ्यास एवं प्रेरणादायक सत्र आयोजित किए गए, जो प्रतिदिन सैकड़ों लोगों को आंतरिक शांति प्रदान करने में सहायक सिद्ध हुए।

नेतृत्व एवं सहयोग: सामूहिक प्रयास की मिसाल
इन कार्यक्रमों का सफल संचालन क्लब के प्रमुख पदाधिकारियों एवं विशेषज्ञों के नेतृत्व में हुआ। अध्यक्ष लायन हरीशंकर साहू ने सभी सत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई, जबकि सचिव लायन कपिल वर्मा ने आयोजन की समन्वय व्यवस्था संभाली। कोषाध्यक्ष लायन हरिकृष्ण पटेल, वरिष्ठ लायन अनिल जैन, लायन कनहैयालाल राजलानी तथा सर्टिफाइड ट्रेनर लायन पिंकेंश पटोरिया जैन ने विशेषज्ञता प्रदान की। इसके अलावा, हिप्नो हील एकेडमी के प्रशिक्षकगण ने NLP और हिप्नोसिस जैसी उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण दिया।

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प्रभाव एवं संदेश: जिले में फैला सकारात्मक वातावरण
इस सप्ताह भर चले अभियान ने छिंदवाड़ा जिले में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति व्यापक जनजागरण पैदा किया। कार्यक्रमों में हजारों लोगों की सहभागिता ने साबित किया कि सकारात्मक सोच और आंतरिक शांति जीवन की प्रगति का आधार हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, आपात स्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना आवश्यक है, जो इस अभियान की थीम से मेल खाता है। क्लब ने नारा दिया: “तनाव नहीं, समाधान अपनाएं — मन की शक्ति से ही बने जीवन उज्जवल।”

