अतुल्य भारत चेतना
अखिल सुर्यवंशी
मानेगांव। नवरात्रि का पावन पर्व भक्ति, श्रद्धा और शक्ति साधना का प्रतीक माना जाता है। इसी क्रम में ग्राम मानेगांव स्थित शिव मंदिर, ढना मानेगांव में एक भव्य धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ, जहां माता रानी के दरबार में ग्राम की सभी मातृशक्तियां एकत्रित होकर आस्था और परंपरा का अनुपम दृश्य प्रस्तुत किया। इस अवसर पर महिलाओं ने विधिवत सुहागले पूजा संपन्न की, जो भारतीय संस्कृति और परंपरा में विशेष महत्व रखती है।
इसे भी पढ़ें : बाबा नीम करौली: कैंची धाम का बुलावा, प्रेरणादायक संदेश और चमत्कार
आयोजन की शुरुआत और महत्व
नवरात्रि महोत्सव के दौरान शिव मंदिर ढना का परिसर माँ दुर्गा की भक्ति से सराबोर हो गया। ग्राम की मातृशक्तियां बड़ी संख्या में उपस्थित हुईं और सामूहिक रूप से सुहागले पूजन किया। यह पूजा केवल एक धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि स्त्री-शक्ति की पारिवारिक जिम्मेदारी और सामाजिक आस्था का प्रतीक है। सुहागले बनाना इस विश्वास के साथ किया जाता है कि माता रानी का आशीर्वाद पाकर पति की आयु लंबी रहे, परिवार के सभी सदस्यों को उत्तम स्वास्थ्य प्राप्त हो, संतान सुखी और प्रगति पथ पर अग्रसर रहे तथा जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और सौहार्द बना रहे।

इसे भी पढ़ें : भारत में नॉन एल्कोहल सॉफ्ट ड्रिंक्स का बाजार विश्लेषण और व्यवसाय के अवसर
पूजा के दौरान मातृशक्तियों ने माँ दुर्गा के समक्ष दीप प्रज्वलित किए, मंगल गीत गाए और सामूहिक रूप से प्रार्थना की। मंदिर परिसर देवी भजनों और मातृशक्ति की श्रद्धा से गूंज उठा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इस आयोजन में ग्रामीणों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया, जिससे कार्यक्रम की भव्यता और बढ़ गई।
सांस्कृतिक और सामाजिक संदेश
इस भव्य आयोजन के माध्यम से एक महत्वपूर्ण संदेश दिया गया कि हमारी परंपराएं केवल धार्मिक आचार नहीं हैं, बल्कि समाज को जोड़ने और परिवारों में एकता, प्रेम तथा आशीर्वाद की भावना को सशक्त करने का माध्यम हैं। सुहागले पूजा स्त्री की शक्ति, त्याग और कर्तव्य भावना का अनुपम उदाहरण है, जो नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में मदद करती है।
इसे भी पढ़ें : स्किल को बेहतर बनाने वाले रोजगार परक कोर्स और आय की संभावनाएं
कार्यक्रम में भाग लेने वाली महिलाओं ने बताया कि इस पूजा से उन्हें आंतरिक शांति और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करने का अवसर मिलता है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “यह आयोजन हमें अपनी परंपराओं को जीवंत रखने और समाज में सकारात्मक ऊर्जा फैलाने की प्रेरणा देता है।”
समापन और ग्रामीणों की भागीदारी
कार्यक्रम के समापन पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से माता रानी के जयकारे लगाए और सभी ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर ग्रामीणों की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने आयोजन को सफल बनाया। मंदिर समिति के सदस्यों ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में ऐसे आयोजनों को और भव्य रूप देने की प्रतिबद्धता जताई।
इसे भी पढ़ें : कम बजट में आने वाले Samsung के Smart Phones, जानिए कीमत और फीचर्स
यह नवरात्रि महोत्सव न केवल धार्मिक उत्साह का प्रतीक बना, बल्कि ग्राम मानेगांव में सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाया। ऐसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में आस्था और परंपरा को जीवित रखने में सहायक सिद्ध होते हैं, जो समुदाय को एकजुट करते हैं।

