अतुल्य भारत चेतना
रईस
रुपईडीहा/बहराइच। जेनजी आंदोलन के दौरान भारतीय और नेपाली पत्रकारों पर हुए हमलों, दुर्व्यवहार और उनके काम में बाधा डालने की घटनाओं पर नेपाल पत्रकार महासंघ ने गहरा दुख और आपत्ति जताई है। महासंघ ने इन घटनाओं को प्रेस स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताते हुए तत्काल जांच की मांग की है।
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महासंघ द्वारा जारी बयान में कहा गया कि सरकार को दोषियों को कानूनी दायरे में लाना चाहिए और पत्रकारों तथा समाचार संस्थानों को हुए नुकसान का उचित मुआवजा सुनिश्चित करना चाहिए। महासंघ ने जोर देकर कहा कि प्रेस स्वतंत्रता की सुरक्षा लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद है और इस पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण स्वीकार्य नहीं होगा।
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महासंघ के महासचिव रामप्रसाद दाहाल ने कहा कि आंदोलन के दौरान पत्रकारों पर लगातार हो रहे थे हमले न केवल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर संकट खड़ा कर रहे थे, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों को भी चुनौती दे रहे थे । उन्होंने कहा कि पत्रकारों पर हमला दरअसल जनता के जानने और सवाल पूछने के अधिकार पर ही हमला है।

