अतुल्य भारत चेतना
रईस
नानपारा, बहराइच। मंगलवार, 8 जुलाई 2025 को नेशनल हाईवे पर लक्ष्मणपुर मटेही के पास एक तेज रफ्तार क्रेटा कार और लकड़ी से लदे ओवरलोडेड ऑटो की जोरदार टक्कर हो गई। इस भीषण हादसे में दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि, गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन चालक और सवार लोगों को मामूली चोटें आईं। इस घटना ने हाईवे पर ओवरलोडेड वाहनों की वजह से बढ़ते हादसों और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इसे भी पढ़ें (Read Also): Chhindwara news; आपातकाल की 50वीं बरसी पर ‘संविधान हत्या दिवस’ मनाया गया, लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान
इसे भी पढ़ें: एफिलिएट मार्केटिंग क्या होती है? इसके जरिए घर बैठे लाखों कमाने के टिप्स!
हादसे का विवरण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोतीपुर थाना क्षेत्र के पकड़िया दीवान निवासी विनोद यादव लकड़ी से लदा ऑटो लेकर नेशनल हाईवे पर जा रहे थे। लक्ष्मणपुर मटेही के पास ऑटो के ओवरटेक करने के दौरान उसमें लदी लकड़ियां बाहर निकल आईं और बगल से गुजर रही क्रेटा कार (वाहन नंबर यूपी 32 एलडब्ल्यू 4944) से टकरा गईं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो पलट गया, और क्रेटा कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के दौरान क्रेटा के दोनों एयरबैग खुल गए, जिससे सवार लोगों की जान बच गई। क्रेटा कार में मोतीपुर थाना क्षेत्र के हरखापुर निवासी विनीत तिवारी और योगेंद्र सिंह सवार थे। दोनों को मामूली चोटें आईं, जबकि ऑटो चालक विनोद यादव को भी हल्की चोटें आईं।
इसे भी पढ़ें: नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) और इसमें Admission के बारे में जानकारी
पुलिस की कार्रवाई
हादसे की सूचना मिलते ही कोतवाली नानपारा की पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात को सुचारू कराया। दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर कोतवाली भेज दिया गया। पुलिस ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि ओवरलोडेड ऑटो और तेज रफ्तार के कारण यह हादसा हुआ, जिसके लिए दोनों पक्षों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
इसे भी पढ़ें: कॉस्मेटोलॉजी (Cosmetology) में कॅरियर और इससे जुड़े संस्थानों की पूरी जानकारी
हाईवे पर सुरक्षा चिंता
यह हादसा नानपारा-बहराइच नेशनल हाईवे पर ओवरलोडेड वाहनों की वजह से बढ़ते खतरे को उजागर करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे पर अक्सर ओवरलोडेड ऑटो और ट्रक बिना उचित सुरक्षा उपायों के चलते हैं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। इस हादसे ने प्रशासन और यातायात पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ओवरलोडिंग पर सख्ती और नियमित वाहन जांच से इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है।
इसे भी पढ़ें: अतुल्य भारत चेतना के साथ सिटिजन रिपोर्टर के रूप में करें अपने कॅरियर का आगाज
सामाजिक और यातायात प्रभाव
हादसे के कारण हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। इस घटना ने क्षेत्र में यातायात नियमों के पालन और हाईवे पर सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को फिर से रेखांकित किया है। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि प्रशासन ओवरलोडेड वाहनों पर कड़ी कार्रवाई करे और हाईवे पर नियमित गश्त बढ़ाए ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

