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रईस
रूपईडीहा/बहराइच। नगर क्षेत्र में बैटरी रिक्शा चालकों द्वारा रात में अवैध तरीके से बिजली का उपयोग कर वाहनों की चार्जिंग किए जाने से विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। सैकड़ों रिक्शों की एक साथ चार्जिंग के कारण बिजली लाइनों पर अत्यधिक भार पड़ रहा है, जिससे फीडर बार-बार ट्रिप हो रहे हैं और उपभोक्ताओं को रातभर अंधेरे का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए विद्युत विभाग ने विशेष छापेमारी दल का गठन किया है, जो अवैध चार्जिंग पर निगरानी रखेगा और कड़ी कार्रवाई करेगा।
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समस्या का विवरण
रूपईडीहा नगर में बैटरी रिक्शों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है, और इनके चालक रात में घरेलू कनेक्शनों या सीधे तार जोड़कर (बिजली चोरी) वाहनों को चार्ज कर रहे हैं। विद्युत उपखंड सहाबा के अवर अभियंता (जेई) ने बताया कि रात के समय सैकड़ों रिक्शों की एक साथ चार्जिंग से बिजली लाइनों पर ओवरलोड की स्थिति बन रही है। इससे ट्रांसफार्मर और लाइनों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जिसके परिणामस्वरूप वोल्टेज ड्रॉप, लाइन फाल्ट, और फीडर ट्रिपिंग की समस्याएं हो रही हैं।
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उन्होंने बताया कि दिन के समय वोल्टेज सामान्य रहता है और फाल्ट की घटनाएं कम होती हैं, लेकिन रात में जब बड़ी संख्या में रिक्शा चार्ज किए जाते हैं, तो आपूर्ति बाधित हो जाती है। इससे सामान्य उपभोक्ताओं को रातभर बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। विभाग ने पहले भी रिक्शा चालकों को अवैध चार्जिंग के खिलाफ चेतावनी दी थी, लेकिन इसका पालन नहीं किया जा रहा है।
विद्युत विभाग की कार्रवाई
अवर अभियंता ने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए विद्युत विभाग ने एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया है। यह दल रात के समय नगर के विभिन्न इलाकों में गश्त करेगा और अवैध चार्जिंग की निगरानी करेगा। पकड़े जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ विद्युत अधिनियम 2003 की सुसंगत धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें भारी जुर्माना, एफआईआर दर्ज करना, और कनेक्शन विच्छेद जैसी कार्रवाइयां शामिल हैं।
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सामाजिक और तकनीकी प्रभाव
बैटरी रिक्शा चार्जिंग से उत्पन्न यह समस्या न केवल बिजली आपूर्ति को प्रभावित कर रही है, बल्कि ट्रांसफार्मर और बिजली लाइनों को भी नुकसान पहुंचा रही है। इससे विभाग को बार-बार मरम्मत का खर्च उठाना पड़ता है, और उपभोक्ताओं को असुविधा होती है। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि अवैध बिजली उपयोग पर सख्ती की जाए और वैध चार्जिंग स्टेशनों की व्यवस्था की जाए ताकि यह समस्या नियंत्रित हो सके।
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समाधान की आवश्यकता
विशेषज्ञों का मानना है कि बैटरी रिक्शों के लिए समर्पित चार्जिंग स्टेशन स्थापित करना और बिजली चोरी पर सख्त निगरानी इस समस्या का दीर्घकालिक समाधान हो सकता है। इसके अलावा, रिक्शा चालकों को जागरूक करने और वैध कनेक्शनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। विद्युत विभाग की छापेमारी और कार्रवाई से उम्मीद है कि अवैध चार्जिंग पर अंकुश लगेगा और बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार होगा।

