अतुल्य भारत चेतना
दिनेश सिंह तरकर
मथुरा। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी), जो देश को ऊर्जा प्रदान करने में अपनी अग्रणी भूमिका के लिए जानी जाती है, इन दिनों अपने ही कर्मचारियों के आक्रोश का सामना कर रही है। मथुरा रिफाइनरी सहित देशभर की रिफाइनरियों में कर्मचारियों ने प्रबंधन के एकतरफा निर्णय के खिलाफ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। यह हड़ताल 50-50 प्रमोशन पॉलिसी के बैकलॉग को समाप्त करने के प्रबंधन के फैसले के विरोध में शुरू की गई है, जिसे कर्मचारी “तानाशाही” करार दे रहे हैं।
भूख हड़ताल का कारण: 50-50 प्रमोशन पॉलिसी का बैकलॉग समाप्त
मथुरा रिफाइनरी कर्मचारी संघ के महामंत्री रामकिशन ने बताया कि इंडियन ऑयल के चेयरमैन ए.एस. साहनी और डायरेक्टर (एचआर) रश्मि गोविल के नेतृत्व में प्रबंधन ने 50-50 प्रमोशन पॉलिसी के तहत बैकलॉग को एकतरफा रूप से समाप्त करने का निर्णय लिया। यह नीति कर्मचारियों के लिए पदोन्नति के अवसर सुनिश्चित करती थी, और इसके बैकलॉग को समाप्त करने से कर्मचारियों के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। कर्मचारियों का कहना है कि प्रबंधन ने इस फैसले में उनकी राय को पूरी तरह नजरअंदाज किया, जिसे वे तानाशाही रवैया मानते हैं।

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इस निर्णय के विरोध में 11 जून से देशभर की इंडियन ऑयल रिफाइनरियों में कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। मथुरा रिफाइनरी में भी कर्मचारी संघ के बैनर तले यह हड़ताल शुरू हुई, जिसमें कर्मचारियों ने प्रबंधन के फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की।
मथुरा रिफाइनरी में हड़ताल का स्वरूप
मथुरा रिफाइनरी में भूख हड़ताल सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक सीमित रखी गई है, ताकि कर्मचारियों को शारीरिक रूप से अधिक कठिनाई न हो। यह व्यवस्था अन्य रिफाइनरियों से अलग है, जहां हड़ताल 24 घंटे चल रही है। कर्मचारी संघ के अध्यक्ष देवेंद्र चौधरी ने बताया कि यह निर्णय कर्मचारियों की सुविधा के लिए लिया गया, लेकिन प्रबंधन की चुप्पी और रिफाइनरी प्रमुख मुकुल अग्रवाल का मौन इस मुद्दे को और जटिल बना रहा है।
हड़ताल में मथुरा रिफाइनरी कर्मचारी संघ के महामंत्री रामकिशन, अध्यक्ष देवेंद्र चौधरी, फतेह सिंह, हरीश पहल सहित अन्य पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की। कर्मचारियों ने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को दोहराया और कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, हड़ताल जारी रहेगी।
कर्मचारियों का आक्रोश
कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने प्रबंधन पर आरोप लगाया कि वह कर्मचारियों के हितों की अनदेखी कर रहा है। रामकिशन ने कहा, “इंडियन ऑयल देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाती है, लेकिन कर्मचारियों के बिना यह संभव नहीं है। प्रबंधन का यह तानाशाही रवैया हमें अपने ही अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर कर रहा है।” उन्होंने यह भी बताया कि 50-50 प्रमोशन पॉलिसी का बैकलॉग समाप्त होने से कई कर्मचारियों की पदोन्नति के अवसर खत्म हो गए हैं, जिससे उनका मनोबल टूटा है।
प्रबंधन की चुप्पी
मथुरा रिफाइनरी के प्रमुख मुकुल अग्रवाल ने इस मुद्दे पर कोई बयान नहीं दिया है, जिसे कर्मचारी प्रबंधन की उदासीनता के रूप में देख रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि प्रबंधन की ओर से संवाद की कमी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। अन्य रिफाइनरियों में भी प्रबंधन और कर्मचारी यूनियनों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है।
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एक विडंबना
यह स्थिति देश की सबसे बड़ी तेल कंपनियों में से एक के लिए एक विडंबना है। इंडियन ऑयल, जो वैश्विक स्तर पर अपनी ऊर्जा आपूर्ति के लिए जानी जाती है, अपने कर्मचारियों के असंतोष से जूझ रही है। कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने सवाल उठाया कि जब कंपनी देश के विकास में इतना बड़ा योगदान दे रही है, तो कर्मचारियों के हितों की रक्षा क्यों नहीं की जा रही?
कर्मचारियों की मांग
मथुरा रिफाइनरी कर्मचारी संघ ने प्रबंधन से निम्नलिखित मांगें की हैं:
- 50-50 प्रमोशन पॉलिसी के बैकलॉग को समाप्त करने के निर्णय को तत्काल वापस लिया जाए।
- कर्मचारियों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी राय को शामिल किया जाए।
- पदोन्नति नीतियों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए।
भविष्य की दिशा
मथुरा रिफाइनरी में चल रही यह भूख हड़ताल न केवल कर्मचारियों के असंतोष को दर्शाती है, बल्कि प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच संवाद की कमी को भी उजागर करती है। यदि प्रबंधन समय रहते इस मुद्दे का समाधान नहीं करता, तो यह हड़ताल रिफाइनरी के संचालन और उत्पादन पर भी असर डाल सकती है। कर्मचारी संघ ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे हड़ताल जारी रखेंगे।
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मथुरा रिफाइनरी में यह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल एक गंभीर मुद्दा बन चुकी है, जो इंडियन ऑयल के प्रबंधन के लिए एक चुनौती है। यह देखना बाकी है कि प्रबंधन इस स्थिति से कैसे निपटता है और कर्मचारियों की मांगों का समाधान कैसे करता है।

