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Rupaidiha news; रूपईडीहा की सड़कें अंधेरे में डूबीं, स्ट्रीट लाइटें बनीं शोपीस: विद्युत विभाग की लापरवाही पर सवाल

अतुल्य भारत चेतना
रईस

रूपईडीहा/बहराइच। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित नगर पंचायत रूपईडीहा की सड़कें रात के समय अंधेरे में डूबी रहती हैं, क्योंकि लाखों रुपये की लागत से लगाई गई स्ट्रीट लाइटें विद्युत विभाग की लापरवाही के चलते मात्र सजावटी सामान बनकर रह गई हैं। नगर पंचायत ने क्षेत्र की सुंदरता और सुरक्षा को बढ़ाने के लिए राना पेट्रोल पंप से नो मैन्स लैंड तक लगभग दो किलोमीटर के दायरे में स्ट्रीट लाइटें स्थापित की थीं, लेकिन बिजली कनेक्शन के अभाव में ये लाइटें निष्क्रिय पड़ी हैं।

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नगर पंचायत ने इस परियोजना के लिए 1 मार्च को विद्युत विभाग को 15 लाख रुपये से अधिक की राशि प्रदान की थी, ताकि 11,000 वोल्ट की लाइन बिछाई जाए और एक शक्तिशाली ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाए। इसके अतिरिक्त, रामलीला चौराहे पर एक खंभे को स्थानांतरित करने और नया खंभा लगाने के लिए भी शुल्क जमा किया गया था। हालांकि, कई महीने बीत जाने के बावजूद न तो लाइन बिछाई गई, न ट्रांसफार्मर स्थापित हुआ, और न ही रामलीला चौराहे पर कोई प्रगति दिखी। इसके अलावा, अंत्येष्टि स्थल और कब्रिस्तान क्षेत्र में लगी हाई मास्ट लाइटें भी बिजली कनेक्शन के अभाव में निष्क्रिय हैं, जिसके कारण रात के समय अंतिम संस्कार और दफन प्रक्रिया में स्थानीय लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

चेयरमैन ने जताई नाराजगी

नगर पंचायत चेयरमैन डॉ. उमाशंकर वैश्य ने विद्युत विभाग की उदासीनता पर कड़ा रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “रूपईडीहा भारत-नेपाल सीमा पर स्थित एक महत्वपूर्ण कस्बा है। हमारा लक्ष्य आधुनिक स्ट्रीट लाइटों के माध्यम से क्षेत्र की सड़कों को रोशन करना और सुरक्षा को बढ़ाना था। एनएच 927 के 2.25 किलोमीटर डिवाइडर पर लाइटें लगाई गई हैं, लेकिन विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण यह परियोजना अधूरी पड़ी है।” उन्होंने विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की ताकि कस्बे की सड़कें रोशनी से जगमगाएं।

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स्थानीय लोगों का आक्रोश

स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने भी विद्युत विभाग की इस देरी पर नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि अंधेरी सड़कें असुरक्षा का कारण बन रही हैं और रात के समय सड़कों पर चलना भयावह हो गया है। व्यापारी वर्ग ने विशेष रूप से चिंता व्यक्त की कि अंधेरा व्यापार और आवागमन को प्रभावित कर रहा है। स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग से जल्द से जल्द कार्य पूरा करने की मांग की है।

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कब जागेगा विद्युत विभाग?

रूपईडीहा की सड़कों को रोशनी से जगमगाने का सपना अब विद्युत विभाग की कार्यशैली पर निर्भर करता है। स्थानीय प्रशासन और जनता की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि विभाग कब अपनी जिम्मेदारी निभाएगा और कस्बे की सड़कें रात के समय सुरक्षित और रोशन होंगी। इस मामले में त्वरित कार्रवाई न केवल क्षेत्र की सुंदरता और सुरक्षा को बढ़ाएगी, बल्कि जनता का विश्वास भी जीतेगी।

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News Desk

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