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पैरालीगल वालेन्टियर्स का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ आयोजित

अतुल्य भारत चेतना
उमेश शेंडे

बालाघाट। पैरालीगल_वालेन्टियर्स का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ आयोजित। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालाघाट दिनेश चन्द्र थपलियाल के मार्गदर्शन में पैरालीगल वालेन्टियर्स का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का – एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालाघाट में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ थपलियाल द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। इस अवसर पर प्रधान न्यायाधी कुटुम्ब न्यायालय अजयकांत पाण्डेय, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुरेन्द्र सिंह गुर्जर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष सिंह, जिला विधिक सहायता अधिकारी जीतेन्द्र मोहन धुर्वे तथा समस्त डिफेंस काउंसिल एवं पैरालीगल वालेन्टियर्स उपस्थित रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में न्यायाधीश थपलियाल ने उपस्थित पैरालीगल वालेन्टियर्स को अपने उद्बोधन में कहा कि विधिक सेवा के परम उद्देश्‍य ‘‘न्याय सबके लिए‘‘ की सफलता तभी है जब देश के प्रत्येक व्यक्ति तक चाहे वे दूरस्थ क्षेंत्रों में स्थित हो उन तक विधिक सहायता पहंचें। उन्‍होंने कहा कि पैरालीगल वालेन्टियर्स से यह अपेक्षा की जाती है कि वे ऐसा कार्य करे जिससे आम जरूरतमंद व्यक्ति और विधिक सेवा संस्था के मध्य की दूरी को मिटाकर सबके लिए न्याय के अभियान में आने वाली बाधाओं को हटा सकें।

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कार्यक्रम में जिला न्यायाधीश व सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुरेन्द्र सिंह गुर्जर ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से सभी प्रतिभागीगण परस्पर चर्चा कर दूसरें विभागों के कार्य एवं योजनाओं को समझेंगे एवं बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने में समर्थ हो सकेंगे, इस कार्यक्रम में समाहित किये गये विषयों पर प्रभावी निष्कर्ष प्राप्त होगा, संवेदनशीलता बढ़ेगी एवं हम सभी मिलजुल कर इस दिशा में कार्य करेगे एवं जन-जागरूकता बढ़ाने का प्रयास करेंगे। साथ ही श्री गुर्जर ने लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के संबंध में तथा किशोर न्याय (बालको की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015, लोकोपयोगी सेवाओं के लिए स्थायी लोक अदालत तथा मध्यस्थता के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। कार्यशाला में जीतेन्द्र मोहन धुर्वे, जिला विधिक सहायता अधिकारी द्वारा बताया गया कि राज्य का प्रथम कर्तव्य जनता के हितों की रक्षा के लिए कल्याणकारी योजना तैयार करना एवं उसका लाभ जनसामान्य को दिलाना हैं भारतीय संविधान के निति निर्देशक तत्वों में अनुच्छेद 39क जोड़ा जाकर निःशुल्‍क विधिक सहायता के संबंध में निर्देषित किया गया हैं कि राज्य यह सुनिष्चित करेगा की विधिक तंत्र इस प्रकार कार्य करे कि समान अवसर के आधार पर न्याय प्राप्त हो तथा कोई भी व्यक्ति आर्थिक अभाव व अन्य निर्योग्ता के कारण न्याय प्राप्त करने के अवसर से वंचित न रहें। साथ ही श्री धुर्वे ने माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक अधिनियम एवं घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के संबंध में भी जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में सुनील यादव श्रम निरीक्षक द्वारा श्रम विधियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। चीफ लीगल डिफेंस काउंसिल बंसत डहाके द्वारा विधिक प्रावधानों तथा यानिता राहंगडाले द्वारा वन स्टॉप सेन्टर के संबंध में जानकारी दी। साथ ही महिला थाना बालाघाट से उपनिरीक्षक किरण बटके द्वारा महिलाओं से संबंधित कानून एवं पुलिस की कार्यप्रणाली के संबंध में जानकारी दी। साथ ही कार्यक्रम में सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारीगण, बाल कल्याण समिति के सदस्य द्वारा भी प्रशिक्षण में जानकारी दी गई। प्रशिक्षण उपरांत समस्त पैरालीगल वालेन्टियर्स को प्रमाण-पत्र वितरित किये गये।

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News Desk

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