शहडोल। ब्यौहारी थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कल्हारी के ग्राम सूखा में तीन माह दस दिन की मासूम बच्ची प्रियांशी पाल की मौत से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। परिजनों का आरोप है कि आंगनबाड़ी केंद्र में हुए टीकाकरण में लापरवाही के कारण बच्ची की जान गई। घटना 9 जनवरी की बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार सुनील कुमार पाल की पुत्री प्रियांशी को 9 जनवरी को सूखा आंगनबाड़ी केंद्र में टीका लगाया गया था। परिजनों का कहना है कि बच्ची को एक साथ दो इंजेक्शन और तीन डोज दवा पिलाई गई, जिसके कुछ ही घंटों बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। रातभर बच्ची रोती रही। मां ने दूध पिलाया, लेकिन रात करीब तीन बजे जब माता-पिता उठे तो बच्ची में कोई हरकत नहीं थी और उसकी सांसें थम चुकी थीं।
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घटना की सूचना मिलते ही परिजनों ने ब्यौहारी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
रविवार को घटना को लेकर गांव में भारी आक्रोश देखा गया। पिता सुनील पाल ने साफ कहा कि टीका लगने के बाद ही बच्ची की हालत बिगड़ी, जिससे उसकी मौत हुई।
वहीं जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सुनील स्थापक ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि टीकाकरण पूरी तरह सुरक्षित है और टीके से किसी बच्चे की मौत संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि उसी केंद्र में अन्य बच्चों को भी टीके लगाए गए हैं और वे सभी स्वस्थ हैं। डॉक्टर ने यह भी संभावना जताई कि दूध पिलाने के बाद डकार न दिलाने से बच्ची को परेशानी हो सकती है। वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और स्वास्थ्य विभाग भी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगा।

