अतुल्य भारत चेतना
रईस अहमद
बहराइच। पूज्य महात्मा गॉंधी जी की धर्मपत्नी एवं प्रख्यात समाज सेविका व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्रद्धेया कस्तूरबा गांधी जी की 155वीं जयंती पर आज कांग्रेसियों ने विनय सिंह की अगुवाई में कुष्ठ सेवा आश्रम गुल्लावीर रोड बहराइच में साफ सफाई करके व कुष्ठरोगियों को फल वितरण करके” सेवा संकल्प “कार्यक्रम आयोजित किया। उक्त अवसर पर गांधीजी के प्रतिमा के समक्ष वैष्णव जन ते तेने कहिए, जे पीर पराई जाणे रे जैसे भजन गाकर कस्तूरबा गांधीजी को भावपूर्ण श्रद्धा सुमन अर्पित किया। उक्त दौरान विनय सिंह ने कहा कि कस्तूरबा गांधीजी का जन्म 11अप्रैल 1869में एक मध्यम परिवार में हुआ था।

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उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में गुजरात प्रांत के अहमदाबाद, जलालपुर, आबंद, मातर, नाडियाद व बोरसद में नमक कर बंदी सत्याग्रह में एवं स्वदेशी प्रचार व विदेशी वहिष्कार आंदोलन मेंअहम भूमिका निभाई थी। दाण्डी यात्री इन्द्र कुमार यादव ने कहा कि कस्तूरबा गांधीजी ने बालिकाओं का सेवादल संगठित कर सत्याग्रह के साथ साथ कांग्रेस अधिवेशनों में भी कार्य किया तथा स्वदेशी प्रचार भी किया था। युवा नेता चौधरी महेन्द्र प्रताप ने कहा कि कस्तूरबा गांधीजी जी के साथ श्रीमती डाही बहन राव जी भाई पटेल, मणिबेन शिवाभाई पटेल तथा श्रीमती मणिबेन नरहरि पारीख जैसे कई सक्रिय रूप से शामिल थीं। वरिष्ठ नेता पी एन मिश्रा ने कहा कि कस्तूरबा गांधीजी बापूजी के भारत लौटने के समय से ही अपने पति के साथ दोनों ने घरबार त्याग कर साबरमती आश्रम में आ गयीं थीं। इस अवसर पर रामभजन त्रिवेदी, सेवादल के अध्यक्ष रमेश चन्द्र मिश्र दीपेंद्र वेलदार अवधराज पासवान मूलचन्द राव देवेंद्र मिश्र एम इशारत खान, सादात अहमद राम नरेश यादव सहित कई लोगों ने अपने अपने विचार ब्यक्त करते हुए कस्तूरबा गांधीजी को याद किया।
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