अतुल्य भारत चेतना (डॉ. मीरा पराड़कर)
नोनिया करबल/छिंदवाड़ा। यूनाइटेड हेल्थ वर्कर्स वेलफेयर एसोसिएशन और मानव अधिकार मिशन के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 09 जनवरी 2026, शुक्रवार को सायं 4:00 बजे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नोनिया करबल में एक विशेष सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का संचालन एवं मार्गदर्शन स्कूल के प्राचार्य श्री गावंडे जी के कुशल निर्देशन में हुआ।

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प्रशिक्षण सत्र के मुख्य प्रशिक्षक मानव अधिकार मिशन के डॉ. असलम (सीपीआर विशेषज्ञ) ने उपस्थित छात्रों, शिक्षकों एवं समाजसेवियों को विस्तार से बताया कि आपातकालीन स्थिति में सीपीआर तकनीक का सही उपयोग करके किसी व्यक्ति की जान कैसे बचाई जा सकती है।

डॉ. असलम ने व्यावहारिक प्रदर्शन के साथ सीपीआर देने की पूरी प्रक्रिया समझाई, जिसमें छाती पर दबाव देने की गति, गहराई, हाथों की स्थिति तथा आर्टिफिशियल सांस देने की विधि शामिल थी।

उन्होंने जोर देकर कहा कि सही समय पर दी गई सीपीआर व्यक्ति के हृदय गति रुकने की स्थिति में 60-70% तक जान बचाने में सहायक सिद्ध हो सकती है।
इस महत्वपूर्ण सामाजिक पहल में दोनों संगठनों की पूरी टीम सक्रिय रूप से शामिल रही।

मानव अधिकार मिशन की प्रमुख उपस्थिति इस प्रकार रही:
- डॉ. असलम (सीपीआर प्रशिक्षक)
- शैलेंद्र उज्वने
- असलम (जिला अध्यक्ष)
- नसीम पाशा (जिला महासचिव)
- मसूर बैग (जिला उपाध्यक्ष)
- जिला सचिव एवं अन्य सदस्य
यूनाइटेड हेल्थ वर्कर्स वेलफेयर एसोसिएशन की टीम:
- डॉ. सोहेल (प्रदेश अध्यक्ष)
- डॉ. मीरा पराड़कर (जिला अध्यक्ष)
- डॉ. नरेंद्र सोनी (प्रदेश सचिव)
- डॉ. सविता चौरे
- डॉ. नेहा सिंह
- डॉ. शबाना यासमीन
- डॉ. संजीव विश्वकर्मा
- समाजसेवी अर्चना लोखंडे
- समाजसेवी श्रीमती अलका नीरज शुक्ला
- संपूर्ण यूनाइटेड टीम के अन्य सदस्य
प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और व्यावहारिक अभ्यास भी किया। यह शिविर न केवल स्कूल के छात्रों के लिए ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि समाज में आपात स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता फैलाने की दिशा में एक सराहनीय कदम साबित हुआ।

यूनाइटेड हेल्थ वर्कर्स वेलफेयर एसोसिएशन और मानव अधिकार मिशन ने इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भविष्य में भी विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों एवं सामुदायिक स्थानों पर नियमित रूप से आयोजित करने की योजना बनाई है, ताकि अधिक से अधिक लोग जीवन रक्षा की इस महत्वपूर्ण तकनीक से परिचित हो सकें।

ऐसे कार्यक्रम समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने की क्षमता विकसित करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
प्राचार्य श्री गावंडे जी ने दोनों संगठनों का हार्दिक आभार व्यक्त किया और कहा कि यह प्रशिक्षण विद्यालय के छात्रों के लिए बहुत उपयोगी सिद्ध होगा। यह प्रयास सामाजिक जागरूकता और जीवन रक्षा के प्रति समर्पित प्रयासों को दर्शाता है।

