अतुल्य भारत चेतना (शिव दीक्षित)
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धौरहरा खीरी ।
सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन (हर घर जल) योजना की जमीनी हकीकत तहसील धौरहरा के ब्लॉक रमिया बेहद अंतर्गत ग्राम व पोस्ट हौकना मटेरा में सवालों के घेरे में है। यहां करोड़ों रुपये की लागत से बनी पानी की टंकी को 5 साल से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन आज तक उससे ग्रामीणों को एक बूंद भी पानी नसीब नहीं हुआ।
ग्रामीणों का आरोप है कि जल जीवन मिशन की यह टंकी केवल कागजों में चालू दिखा दी गई है, जबकि हकीकत में यह शो पीस बनकर खड़ी है। गांव में आज भी लोग हैंडपंप, कुओं और दूर-दराज के जल स्रोतों पर निर्भर हैं। गर्मी के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जब महिलाओं और बच्चों को पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन आज तक न तो पानी आया और न ही कोई ठोस जवाब मिला। इससे ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब सरकार “हर घर जल” का दावा कर रही है, तो फिर करोड़ों रुपये की लागत से बनी टंकी बेकार क्यों खड़ी है। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। सुन्दर, टेढे, बिक्रम आदि ग्रामीणों का साफ कहना है कि यदि जल्द ही पानी की आपूर्ति शुरू नहीं की गई, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
अब बड़ा सवाल यही है—
“करोड़ों की टंकी, लेकिन पानी जीरो… क्या यही है जल जीवन मिशन की सच्चाई।

