भूतपूर्व सैनिकों ने की बुलंद आवाज,नववर्ष में कामवन का हो आगाज
संवाददाता मनमोहन गुप्ता भरतपुर
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*कामां नही कामवन ही पौराणिक स्वरूप,सुने जन मानस की आवाज सरकार*:-उमा शंकर शर्मा
डीग – नव वर्ष के समापन अवसर पर भूतपूर्व सैनिकों ने अपनी आवाज बुलंद करते हुए कामां को कामवन नाम प्रदान किए जाने का आगाज करते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन उपखंड अधिकारी सुभाष यादव को सुपुर्द किया।
भूतपूर्व सैनिक संघठन कामवन में सचिव कैप्टन सियाराम ने अवगत कराया कि संघठन के अध्यक्ष उमाशंकर शर्मा की अगुवाई में भूतपूर्व सैनिक संघठन ने कामवन नामकरण की मांग का ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम देकर नववर्ष पर उपहार प्रदान कर, सरकार कामां का पौराणिक नाम कामवन करें। इस अवसर पर सभी भूतपूर्व सैनिकों ने कहा कि वर्ष 2026 में कामां नही कामवन ही कहा जाए,सरकार को जनमानस की भावनाओं के अनुरूप शास्त्र सम्मत पहचान कामवन वापिस प्रदान करनी चाहिए।
ज्ञापन में कहा गया है कि यह नगरी अति प्राचीन एवं अपने अंदर गौरव को समेटे हुए हैं।जहां भगवान श्री कृष्ण ने बाल क्रीड़ाओं का मंचन किया, जहां की धरा धर्म और धार्मिक क्रियाओं से हमेशा परिपूर्ण रहती है। जिसे ब्रजमंडल के बारह वनों में पंचम वन के रूप में जाना जाता है। जहां महाभारत कालीन समय का उल्लेख मिलता है।ऐसी धार्मिक नगरी को कामवन नाम प्रदान किया जाए जिससे कि खोया हुआ वैभव पुनर्स्थापित हो सके। ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से अध्यक्ष उमाशंकर शर्मा, सचिव कैप्टन सियाराम, सूबेदार मानसिंह कनवाड़ा,सूबेदार नंदराम, हवलदार सुमन सिंह, राजू कमांडो, रामगोपाल सैनी, महावीर सिंह, संतोष सिंह,सार्जेंट रामगोपाल सैनी सहित भूतपूर्व सैनिक उपस्थित रहे।
नववर्ष पर कामवन जीव सेवा समिति द्वारा कामां का नाम कामवन करने का ज्ञापन दिया जाएगा उक्त जानकारी समिति अध्यक्ष भागचंद जैन बड़जात्या द्वारा प्रदान की गई।

