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संवाददाता -मुहम्मद ख्वाजा
टीकमगढ़।भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के निर्देशानुसार स्वच्छता पखवाड़ा (16-31 दिसंबर) अंतर्गत आज कृषि विज्ञान केंद्र, टीकमगढ़ द्वारा एक स्वच्छता रैली का आयोजन किया गया। रैली का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता फैलाना और स्वच्छ भारत के संकल्प को सुदृढ़ करना है। यह कार्यक्रम कृषि विज्ञान केंद्र टीकमगढ़ के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख, डॉ. बी. एस. किरार के मार्ग दर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का सफल संचालन और समन्वय वैज्ञानिक डॉ. सतेंद्र कुमार द्वारा किया गया।स्वच्छता रैली केंद्र के द्वार से प्रारंभ होकर केंद्र के परिसर से होते हुए कृषि महाविद्यालय, टीकमगढ़ के आंतरिक द्वार तकनिकी ली गई। इस रैली में निम्नलिखित समूहों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। टीकमगढ़ जिले के प्रगतिशील किसान जिन्होंने कृषि स्वच्छता का संदेश दिया। स्थानीय ग्राम पंचायत सदस्य जिन्होंने ग्रामीण स्तर पर स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया। कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारी व कर्मचारी, कृषि विज्ञान केंद्र टीकमगढ़ के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. किरार, वैज्ञानिक डॉ. आर. के प्रजापति, डॉ. एस.के. सिह, डॉ. यू. एस. धाकड़, डॉ. सतेन्द्र कुमार, डॉ. एस. के. जाटव, डॉ. आई. डी. सिंह, श्री हंसनाथ, जयपाल छिगारहा खान एवं कृषि विभाग से दिनेश कुमार जाटव, आई.पी. तिवारी आदि ने सहभागिता दी।रैली के दौरान डॉ. बी. एस. किरार ने संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छता केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं बल्कि एक सामाजिक संस्कार है। उन्होंने किसानों को फसल अवशेषों के प्रबंधन और कृषि परिसरों को साफ-सुथरा रखने की सलाह दी। डॉ. सतेंद्र कुमार ने रैली का समन्वय करते हुए बताया कि स्वच्छता पखवाड़ा के माध्यम से हम न केवल भौतिक सफाई पर ध्यान दे रहे हैं, बल्कि लोगों की मानसिकता में बदलाव लाने का प्रया सभी कर रहे हैं। रैली के दौरान प्रतिभागियों ने स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत और गंदगी भगाओ-देश बचाओ जैसे प्रेरक नारे लगाये। इस दौरान सामूहिक रूप से सार्वजनिक स्थानों की सफाई का श्रमदान भी किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों को स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की शपथ दिलाई गई।

