जैसलमेर।(सी आर देवपाल जैसलमेर)।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी जयपुर के निर्देशानुसार जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण–2026 के तहत कोई भी पात्र मतदाता न छूटे की भावना को साकार करने हेतु मतदाता सूची से संबंधित दावे एवं आपत्तियों की प्रक्रिया 16 दिसंबर से 15 जनवरी तक संचालित की जा रही है। इसी क्रम में स्वीप कार्यक्रम के तहत राजकीय महाविद्यालय पोकरण में दो दिवसीय क्लस्टर कैंप का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ गिरधारी लाल जयपाल की अध्यक्षता में किया गया।क्लस्टर कैंप का मुख्य उद्देश्य महाविद्यालय के विद्यार्थियों में मतदाता जागरूकता को बढ़ावा देना एवं सभी पात्र विद्यार्थियों का मतदाता पंजीकरण सुनिश्चित करना रहा। कैंप के दौरान उन विद्यार्थियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई जो 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके हैं अथवा 01 जनवरी 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले हैं। इसके साथ ही जिन विद्यार्थियों का नाम अभी तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं था उन्हें नाम जुड़वाने की सुविधा उपलब्ध कराई गई। वहीं मतदाता सूची में नाम पता जन्मतिथि अथवा अन्य विवरणों में संशोधन आवश्यक होने पर भी आवेदन की सुविधा प्रदान की गई कार्यक्रम के दौरान प्रोफेसर जी आर सुथार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया आवश्यक दस्तावेजों एवं निर्धारित समय-सीमा की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं जागरूक बनें एवं अपने परिवार एवं समाज के अन्य पात्र नागरिकों को भी मतदाता पंजीकरण के लिए प्रेरित करें।
इसे भी पढ़ें (Read Also): प्रदेशाध्यक्ष बनने पर राठौड़ को दी बधाई
महाविद्यालय के ईएलसी इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब प्रभारी लाल सिंह ने जानकारी दी कि ईएलसी के माध्यम से निरंतर मतदाता जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं ताकि अधिक से अधिक युवा मतदाता लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ सकें।क्लस्टर कैंप के मुख्य वक्ता विजय सिंह पंवार बीएलओ बूथ लेवल ऑफिसर रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को मतदाता पंजीकरण की व्यावहारिक जानकारी देते हुए फॉर्म भरने की प्रक्रिया को सरल शब्दों में समझाया। उन्होंने कहा कि सही एवं अद्यतन मतदाता सूची निष्पक्ष पारदर्शी और सशक्त लोकतंत्र की आधारशिला है।
कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के सभी पात्र विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे निर्धारित तिथियों के दौरान कैंप में उपस्थित होकर मतदाता पंजीकरण संशोधन अथवा नाम जुड़वाने की प्रक्रिया पूर्ण करें और लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाएं। इस अवसर पर महाविद्यालय का समस्त शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक स्टाफ उपस्थित रहा।

