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श्री पंच दशनाम गुरुदत्त अखाड़ा: पट्टाभिषेक का आध्यात्मिक रहस्य और धार्मिक गौरव
प्रयागराज : सनातन धर्म की गौरवशाली परंपराओं को संजोने हेतु श्री पंच दशनाम गुरुदत्त अखाड़ा रजि. (106) भारत द्वारा 23 जनवरी 2026 को प्रयागराज की पावन धरा पर एक ऐतिहासिक पट्टाभिषेक समारोह आयोजित किया जा रहा है। यह केवल एक प्रशासनिक पद ग्रहण करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरा आध्यात्मिक और शास्त्रीय महत्व छिपा है।
## पट्टाभिषेक: आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व
पट्टाभिषेक की प्रक्रिया भारतीय संत परंपरा में अत्यंत प्रतिष्ठित और प्राचीन विधि मानी गई है। यहाँ इसकी आध्यात्मिक गहराइयों का विश्लेषण दिया गया है:
* चादर विधि का प्रतीक: इस समारोह को ‘पट्टा अभिषेक चादर विधि’ के रूप में जाना जाता है। अध्यात्म में ‘चादर’ या ‘पट्टा’ गुरु-शिष्य परंपरा के उत्तरदायित्व और त्याग का प्रतीक है। यह इस बात का संकेत है कि साधक ने अब सांसारिक मोह को त्याग कर धर्म की रक्षा का भार अपने कंधों पर लिया है।
* अनित्यता का बोध: आध्यात्मिक दृष्टि से मानव शरीर एक ‘घट’ के समान नश्वर है और प्राण ‘अंजलि के जल’ (अंजुरी नीर) के समान क्षणभंगुर हैं। पट्टाभिषेक के माध्यम से साधक को इसी ‘अनित्यता’ का बोध कराया जाता है। जो इस सत्य को समझ लेता है, वही सच्चा ‘धीर’ या बुद्धिमान साधक कहलाता है।
* आध्यात्मिक चेतना का जागरण: इस समारोह का मुख्य उद्देश्य केवल पदवी प्रदान करना नहीं, बल्कि देशभर में आध्यात्मिक चेतना को जागृत करना है। यह साधक को आत्म-साक्षात्कार और लोक-कल्याण के मार्ग पर अग्रसर करता है।
## धार्मिक उत्तरदायित्व और विस्तार
अखाड़े के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अनिरुद्ध जी महाराज के नेतृत्व में यह राष्ट्रव्यापी विस्तार की एक बड़ी पहल है।
* पदों का सोपान: इस पवित्र अवसर पर मंडलेश्वर, महामंडलेश्वर, महंत और श्री महंत जैसे उच्च आध्यात्मिक पदों पर अभिषेक किया जाएगा।
* समावेशी परंपरा: अखाड़ा इस बार केवल पारंपरिक संतों तक सीमित नहीं है, बल्कि ब्राह्मणों और गृहस्थ संतों को भी आध्यात्मिक पदानुक्रम में स्थान दे रहा है। इससे समाज के हर वर्ग की धार्मिक कार्यों में भागीदारी सुनिश्चित होगी।
* माघ मेला संगम: प्रयागराज के माघ मेले में आए सभी भक्तों का अखाड़ा हार्दिक स्वागत और अभिनंदन करता है। मेले के दौरान अखाड़े का शिविर “सेक्टर – 6, पुल नं. 5, दाण्डी स्वामी हंस आश्रम” पर स्थित है।
## पंजीकरण संबंधी जानकारी
इच्छुक साधक जो इस आध्यात्मिक यात्रा का हिस्सा बनना चाहते हैं, उनके लिए पंजीकरण अनिवार्य है।
* संपर्क सूत्र: 9451183436, 7351731008, 9005139008।
* कार्यालय: गुरुदत्त आश्रम उमाशंकर धाम, सिमौर, फतेहपुर (उ. प्र.)।
यह पट्टाभिषेक समारोह सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और अखाड़े की परंपराओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम सिद्ध होगा।

