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पीएम श्री संविलयन विद्यालय मूड़ी में दो दिवसीय वार्षिकोत्सव भव्यता के साथ संपन्न

अतुल्य भारत चेतना (संवाददाता – रमाकांत यादव)

ईसानगर (लखीमपुर खीरी): विकास क्षेत्र ईसानगर के अंतर्गत आने वाले पीएम श्री संविलयन विद्यालय मूड़ी में आयोजित दो दिवसीय वार्षिकोत्सव कार्यक्रम अत्यंत भव्यता और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन विद्यालय के छात्र-छात्राओं की प्रतिभा, सांस्कृतिक विरासत और शैक्षणिक उत्कृष्टता का जीवंत प्रदर्शन बनकर उभरा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में धौरहरा के माननीय विधायक जी ने शिरकत की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) ईसानगर तथा गन्ना विकास समिति ऐरा के चेयरमैन ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके अलावा, ईसानगर क्षेत्र के विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई, जिससे आयोजन की भव्यता में और इजाफा हुआ।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री गया प्रसाद जी ने कार्यक्रम का सफल संयोजन किया, वहीं श्री कमल कुमार मिश्र जी ने कुशल संचालन का दायित्व बखूबी निभाया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई, जिसमें छात्र-छात्राओं ने नृत्य, गायन, नाटक और अन्य रंगारंग कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

एक विशेष और प्रेरणादायक क्षण तब आया जब मुख्य अतिथि माननीय विधायक जी तथा बीईओ महोदय ने छात्र-छात्राओं के साथ मध्याह्न भोजन (एमडीएम) ग्रहण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों से संवाद किया और उनकी उत्साहवर्धन किया, जिससे विद्यालय परिवार में जोश और उत्साह का संचार हुआ।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को सफल बनाने में शिक्षकों का सराहनीय योगदान रहा। भाई अमित किशोर, राकेश सिंह, अफजल अहमद सिद्दीकी, अभिनव वर्मा, पुष्कर वर्मा, संतोष भार्गव तथा बहन पूनम मौर्या ने अपनी मेहनत और समर्पण से कार्यक्रम को यादगार बनाया। बच्चों की प्रस्तुतियाँ अत्यंत प्रभावशाली और प्रशंसनीय रहीं, जिन्होंने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया और तालियाँ बटोरीं।

समस्त विद्यालय परिवार – शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राओं – ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिससे यह आयोजन एक सामूहिक उत्सव का रूप ले सका। इस भव्य एवं सुव्यवस्थित कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए पूरा विद्यालय परिवार अभिनंदन का पात्र है। ऐसे आयोजन न केवल छात्रों के सर्वांगीण विकास में योगदान देते हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर शिक्षा और संस्कृति के प्रचार-प्रसार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

पीएम श्री योजना: एक परिचय

पीएम श्री योजना (Pradhan Mantri Schools for Rising India – PM SHRI Yojana) भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसकी शुरुआत 7 सितंबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई थी। यह योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के पूर्ण कार्यान्वयन को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इसका मुख्य लक्ष्य देशभर में मौजूदा सरकारी स्कूलों को अपग्रेड करके उन्हें आदर्श (एक्जेम्पलर) स्कूलों में बदलना है, जो उच्च गुणवत्ता वाली, समावेशी और आनंदमय शिक्षा प्रदान करें।

उद्देश्य

  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सभी पहलुओं को लागू करना।
  • छात्रों को 21वीं सदी के कौशल, जैसे क्रिटिकल थिंकिंग, क्रिएटिविटी और डिजिटल लिटरेसी से लैस करना।
  • समान, समावेशी और बहुभाषी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना।
  • स्कूलों को हरित (ग्रीन) और पर्यावरण-अनुकूल बनाना, साथ ही आसपास के अन्य स्कूलों को मेंटरशिप प्रदान करना।
  • लगभग 18-20 लाख छात्रों को सीधा लाभ पहुंचाना।

मुख्य विशेषताएं

  • स्कूलों की संख्या: देशभर में 14,500 से अधिक स्कूलों का चयन और विकास।
  • चयन प्रक्रिया: ‘चैलेंज मोड’ के माध्यम से, जहां स्कूल प्रतिस्पर्धा करके चयनित होते हैं। प्रति ब्लॉक/शहरी स्थानीय निकाय अधिकतम दो स्कूल (एक प्राथमिक और एक माध्यमिक/उच्च माध्यमिक)।
  • बुनियादी ढांचा: स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक लैब, लाइब्रेरी, खेल सुविधाएं, सौर ऊर्जा पैनल, एलईडी लाइटिंग, वर्षा जल संचयन, अपशिष्ट प्रबंधन और प्लास्टिक-मुक्त परिसर।
  • शिक्षण पद्धति: खोज-आधारित, अनुभवात्मक और समग्र शिक्षा; बैगलेस डेज, स्थानीय कारीगरों के साथ इंटर्नशिप, नवाचारी शिक्षण विधियां।
  • अन्य सुविधाएं: विज्ञान और गणित किट, खेल अनुदान, बालवाटिका (प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा), आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता पर जोर।
  • पर्यावरण फोकस: प्राकृतिक खेती वाले पोषण उद्यान, जल संरक्षण और सस्टेनेबल लाइफस्टाइल की जागरूकता।

बजट और कार्यान्वयन

  • कुल परियोजना लागत: ₹27,360 करोड़ (केंद्र का हिस्सा ₹18,128 करोड़)।
  • अवधि: 2022-23 से 2026-27 तक (5 वर्ष)।
  • संचालन: केंद्र सरकार, राज्य/केंद्रशासित प्रदेश सरकारें, स्थानीय निकाय, केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) और नवोदय विद्यालय समिति (NVS) द्वारा।
  • राज्य सरकारों को शिक्षा मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करना होता है।

यह योजना सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता में क्रांतिकारी बदलाव लाने का प्रयास है, जिससे भारत की शिक्षा व्यवस्था वैश्विक स्तर पर मजबूत हो सके। वर्तमान में हजारों स्कूलों का चयन हो चुका है और नाम के साथ “पीएम श्री” उपसर्ग जोड़ा जा रहा है। अधिक जानकारी के लिए शिक्षा मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट देखें।

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News Desk

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