खाटूश्यामजी (सीकर)। विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटू धाम इन दिनों गंभीर सुरक्षा संकट की स्थिति से गुजर रहा है। श्याम बाबा के दर्शनों के लिए लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने वाले इस धार्मिक नगर में धर्मशालाओं और होटलों में गैस सिलेंडरों का अनियंत्रित उपयोग चिंताजनक स्तर तक बढ़ गया है। शहर की तंग और संकरी गलियों में बने कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में दर्जनों LPG सिलेंडर खुलेआम रखे गए हैं, और इससे आग लगने की स्थिति में भारी जनहानि का खतरा मंडरा रहा है।
चौंकाने वाली बात यह है कि खाटूश्यामजी की कई गलियों में फायर ब्रिगेड की गाड़ी तक प्रवेश नहीं कर सकती, क्योंकि गलियों की चौड़ाई बेहद कम है और बहुमंजिला धर्मशालाओं व होटलों का अवैध विस्तार लगातार हो रहा है। फायर सेफ्टी के नियमों का पालन, सुरक्षा ऑडिट और इमरजेंसी एग्जिट जैसी व्यवस्थाएँ तकरीबन नदारद हैं।
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स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने चिंता जताते हुए कहा है कि हर साल लाखों लोग यहां पहुंचते हैं, लेकिन प्रशासन ने इस गंभीर स्थिति पर पूरी तरह चुप्पी साध रखी है। शहर में आग लगने की स्थिति हुई तो भयानक त्रासदी से इंकार नहीं किया जा सकता।
विशेषज्ञों का कहना है कि जयपुर और अन्य शहरों में लगातार बढ़ते होटल व धर्मशाला हादसों को देखते हुए खाटू धाम को तुरंत फायर सेफ्टी प्लान, गैस सिलेंडर नियंत्रण, आपात मार्ग और प्रशासनिक मॉनिटरिंग की जरूरत है। बावजूद इसके स्थानीय प्राधिकरण और जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करने से बचते दिख रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधार हुई, तो वे जागरण और विरोध प्रदर्शन की राह पर उतर सकते हैं।

