लोकेशन नारायणपुर छत्तीसगढ़
संवाददाता खुमेश यादव
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33/11 के.व्ही. उपकेंद्र 2 से बढ़कर 7, विधुतीकृत सिंचाई पंप 12 से बढ़कर 514, घरेलु उपभोक्ता 3279 से बढकर 30238, ग्रामीण अंचलों तक पहुँची रौशनी
नारायणपुर, 06 दिसम्बर 2025//
छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना के रजत वर्ष का उत्सव मना रहा है। बीते 25 वर्षों की विकास यात्रा में राज्य ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित की हैं। नारायणपुर जिला भी इस यात्रा का सक्रिय सहभागी रहा है। बिजली आज हर घर की मूलभूत आवश्यकता बन चुकी है, और जिले के दूरस्थ अंचलों तक अब रौशनी पहुँच चुकी है|
विधुतीकृत गांवों की संख्या 57 से बढ़कर 235 तक पहुँच गई है।प्रति व्यक्ति वार्षिक बिजली खपत भी वर्ष 2000 में 62 यूनिट से बढ़कर 144 यूनिट हो गई है। ग्रामीण अंचलों में विद्युत आपूर्ति के विस्तार से खेती-किसानी और दैनिक जीवन में बड़ा बदलाव आया है।
ग्रामीण विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या 2000 में 3279 थी, जो अब बढ़कर 30 हजार 238 तक पहुँच गई है। वहीं शहरी उपभोक्ताओं की संख्या 1070 से बढ़कर 5540 हो गई है। एकल बत्ती कनेक्शन धारकों की संख्या में तो 40 गुना वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2000 में जहाँ केवल 525 उपभोक्ता थे, अब उनकी संख्या 18 हजार 994 हो चुकी है। ट्रांसफॉर्मरों की संख्या भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है ।
वर्ष 2000 में 227 ट्रांसफॉर्मर थे, जो अब 1416 हो गए हैं। जिले में 132/33 के.व्ही. सब स्टेशन वर्ष 2000 में एक भी नहीं था, जबकि अब एक सब स्टेशन स्थापित हो चुका है। इसी प्रकार 33/11 के.व्ही. उपकेंद्रों की संख्या 2 से बढ़कर 7 हो गई है।
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, नारायणपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2000 में जिले के अनेक गांव अंधेरे में थे, परंतु बीते 25 वर्षों की विकास यात्रा में नारायणपुर जिले के लगभग सभी हिस्सों में बिजली की रौशनी पहुँचने लगी है।
नारायणपुर जिले के सर्वांगीण विकास में बिजली की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। इसने न केवल सुविधाओं में वृद्धि की है, बल्कि लोगों के जीवनस्तर और आर्थिक गतिविधियों में भी नई ऊर्जा का संचार किया है।

