रुद्रपुर – अपराध नियंत्रण को technologically और भी मजबूत करने के लिए ऊधम सिंह नगर पुलिस ने नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (NAFIS) एप का सफल डेमो दिया। शुक्रवार को पुलिस लाइन में एसएसपी मणिकांत मिश्रा की मौजूदगी में पुलिस कर्मियों को फिंगरप्रिंट लेने की उन्नत प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया।
एसएसपी ने बताया कि किसी भी अपराधी की गिरफ्तारी के बाद नाफिस एप के जरिए उसका बायोमेट्रिक डेटा केंद्रीय सर्वर पर रिकॉर्ड किया जाएगा। इसके आधार पर हर अपराधी को एक यूनिक नेशनल फिंगरप्रिंट नंबर आवंटित होगा। भविष्य में किसी भी केस की जांच के दौरान पुलिस सिर्फ एक क्लिक में अपराधी की पुरानी पूरी आपराधिक हिस्ट्री तक तुरंत पहुंच सकेगी। इससे छोटे से लेकर बड़े अपराधों के खुलासे में काफी मदद मिलेगी।
इसे भी पढ़ें (Read Also): गाजीपुर में 27–28 दिसंबर को जिला स्तरीय बैडमिंटन चैंपियनशिप का आयोजन
प्रशिक्षण के दौरान सीओ प्रशांत कुमार ने मौके पर घटना स्थल का फिंगर प्रिंट लेकर नाफिस एप का लाइव डेमो दिया। मास्टर ट्रेनर महिला कांस्टेबल डॉली जोशी ने पुलिस मुख्यालय द्वारा संचालित प्रमुख तकनीकी प्रणालियों पर विस्तृत जानकारी साझा की। इस मौके पर एसपी क्राइम निहारिका तोमर भी मौजूद रहीं।
चांस फिंगरप्रिंट लेने की प्रक्रिया का भी प्रदर्शन
कार्यक्रम में सीओ सिटी ने घटनास्थल पर ‘चांस फингरप्रिंट’ को सही तरीके से लेने व संरक्षित करने की वैज्ञानिक प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। इस ट्रेनिंग का उद्देश्य फिंगरप्रिंट संग्रह में होने वाली सामान्य गलतियों को रोकना और साक्ष्यों की वैज्ञानिक शुद्धता सुनिश्चित करना था।
पुलिस विभाग का मानना है कि नाफिस एप के इस्तेमाल से अपराध जांच और अधिक तेज़, प्रभावी व सटीक होगी।

