हैदराबाद (विशेष संवाददाता): भारत की सीमा सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए, हैदराबाद स्थित स्टार्टअप इंद्रजाल ड्रोन डिफेंस ने हाल ही में ‘इंद्रजाल रेंजर’ नामक देश के पहले पूर्ण रूप से मोबाइल, AI-सक्षम एंटी-ड्रोन पेट्रोल वाहन (ADPV) को लॉन्च किया है। यह वाहन न केवल ड्रोन खतरों का पता लगाने में सक्षम है, बल्कि चलते-फिरते ही उन्हें तुरंत निष्क्रिय (न्यूट्रलाइज) कर सकता है, जो पारंपरिक स्थिर सिस्टम्स से एक बड़ा बदलाव है। इस लॉन्च ने रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी नवाचार की नई ऊंचाइयों को छुआ है, खासकर जब पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर ड्रोन के जरिए हथियार, नशीले पदार्थ और विस्फोटकों की तस्करी में तेजी आई है।
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लॉन्च का महत्व और पृष्ठभूमि
इंद्रजाल ड्रोन डिफेंस, जो भारत की अग्रणी स्वायत्त काउंटर-UAS (अनमैन्ड एरियल सिस्टम) और एयर-डिफेंस टेक्नोलॉजी कंपनी है, ने 26 नवंबर 2025 को हैदराबाद में इस वाहन का अनावरण किया। कंपनी के संस्थापक और CEO किरण राजू ने लॉन्च के दौरान कहा, “भारत को एक नया दुश्मन सामना करना पड़ रहा है—जो उड़ता है। तस्कर अब पैदल नहीं, बल्कि हवा से सीमा पार करते हैं। इंद्रजाल रेंजर इसी नई जंग का भारतीय जवाब है। प्रत्येक नष्ट किया गया ड्रोन लाखों जिंदगियों की रक्षा करता है और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत बनाता है।”
लॉन्च इवेंट में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र प्रताप पांडे (रिटायर्ड), PVSM, UYSM, AVSM, VSM ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, “एंटी-ड्रोन पेट्रोल वाहन जैसी तकनीकें सिर्फ मशीनें नहीं हैं, बल्कि वे ढाल हैं जो हमारे बच्चों, किसानों और भविष्य की रक्षा करती हैं। इस तरह के नवाचार से देश और सीमाओं पर तैनात वीर जवान आभारी होंगे।” यह लॉन्च भारत सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के अनुरूप है, जो ड्रोन-आधारित खतरों से निपटने के लिए स्वदेशी समाधानों पर जोर दे रही है।
पिछले कुछ वर्षों में, सीमा पर ड्रोन हमलों और तस्करी की घटनाओं में वृद्धि हुई है। बीएसएफ और अन्य एजेंसियों के अनुसार, पंजाब, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर जैसे क्षेत्रों में ड्रोन का उपयोग हथियारों और ड्रग्स की तस्करी के लिए बढ़ा है। इंद्रजाल रेंजर इसी चुनौती का सीधा जवाब है, जो बीएसएफ और पुलिस की कार्यभार को कम करने के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
तकनीकी विशेषताएं: गतिशीलता और AI की ताकत
इंद्रजाल रेंजर एक रग्ड 4×4 टोयोटा हिलक्स प्लेटफॉर्म पर आधारित है, जो कठिन इलाकों जैसे सीमा सड़कों, नहरों, कृषि पट्टियों और घनी शहरी क्षेत्रों में आसानी से संचालित हो सकता है। कंपनी के अनुसार, यह वाहन पारंपरिक वाहन-माउंटेड सिस्टम्स से अलग है, जो केवल स्थिर अवस्था में काम करते हैं। रेंजर चलते-फिरते ही 360-डिग्री डिटेक्शन और ट्रैकिंग प्रदान करता है, जो 8-10 किलोमीटर दूर तक ड्रोन को पहचान सकता है।
इसकी मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| डिटेक्शन रेंज | 8-10 किमी तक 360° कवरेज, मल्टी-सेंसर फ्यूजन (रडार, RF, EO/IR) के साथ। |
| न्यूट्रलाइजेशन रेंज | 4 किमी तक, साइबर टेकओवर, GNSS स्पूफिंग, RF जैमिंग और स्वायत्त किल स्विच के माध्यम से। |
| AI इंटीग्रेशन | प्रोप्राइटरी SkyOS™ ऑटोनॉमी इंजन, जो AI के जरिए स्वायत्त थ्रेट असेसमेंट करता है और C5ISRT (कमांड, कंट्रोल, कम्युनिकेशन, कंप्यूटर, साइबर, इंटेलिजेंस, सर्च, रिकॉन्सेंस, टारगेटिंग) फ्रेमवर्क में काम करता है। |
| मोबिलिटी | ऑन-द-मूव ऑपरेशन, कन्वॉय या पेट्रोल के दौरान निरंतर सुरक्षा। |
| अन्य | काइनेटिक किल मैकेनिज्म और स्प्रिंग-लोडेड किल स्विच; ARDTC सर्टिफिकेशन प्राप्त। |
रेंजर का AI सिस्टम ड्रोन को स्वतः पहचानता है, ट्रैक करता है और खतरे का मूल्यांकन करता है। न्यूट्रलाइजेशन के लिए यह गैर-घातक तरीके अपनाता है, जैसे ड्रोन को हैक कर कंट्रोल लेना या सिग्नल जाम करना, लेकिन जरूरत पड़ने पर काइनेटिक विकल्प भी उपलब्ध है। कंपनी का दावा है कि इसका प्रोटोटाइप भारतीय सशस्त्र बलों के साथ ट्रायल में 6 दिनों में 40 ड्रोनों को इंटरसेप्ट कर चुका है और 70 करोड़ रुपये मूल्य के ड्रग्स जब्त कराए हैं।
प्रभाव: राष्ट्रीय सुरक्षा में बदलाव
यह लॉन्च भारत की एयर डिफेंस क्षमताओं को नई दिशा देगा। विशेषज्ञों के अनुसार, इंद्रजाल रेंजर न केवल सीमा सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि शहरी क्षेत्रों में भी उपयोगी साबित होगा, जहां ड्रोन का दुरुपयोग आतंकी गतिविधियों के लिए हो सकता है। किरण राजू ने आगे कहा, “हमारा मिशन स्वतंत्रता की रक्षा करना है। रेंजर के साथ, हम सुनिश्चित करेंगे कि कोई ड्रोन रेड जोन में उड़ान न भरे।”
कंपनी ने वाहन की कीमत सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन यह संपर्क सेल्स के माध्यम से उपलब्ध है। भविष्य में, इंद्रजाल और अधिक उन्नत वेरिएंट्स विकसित करने की योजना बना रही है।
यह लॉन्च न केवल तकनीकी उपलब्धि है, बल्कि भारत के युवा उद्यमियों की रक्षा क्षेत्र में बढ़ती भूमिका का प्रतीक भी है। जैसे-जैसे ड्रोन युद्ध का खतरा बढ़ रहा है, इंद्रजाल रेंजर जैसी नवाचारें देश को मजबूत बनाएंगी।

