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Sun. Jan 11th, 2026

Kairana news; कैराना में एमडीए की अनुमति के बगैर विकसित कि जारही, कालोनी

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बिना अनुमति, बिना नक्शा, बिना सुविधा

डीलर बिना एमडीए परमिशन, बिना नक्शा पास, बिना वन विभाग की एनओसी और बिना किसी गाइडलाइन का पालन किए प्लॉटिंग कर रहे हैं। खरीदारों से वैध कालोनियों के बराबर मोटी कीमत वसूल की जाती है, लेकिन न सड़क, न बिजली, न पानी, न सीवर जैसी कोई सुविधा दी जाती है। जागरूकता के अभाव में भोले-भाले लोग प्लॉट खरीदकर बाद में भारी नुकसान झेलते हैं।

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हरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी, कृषि भूमि खत्म

अधिकांश कालोनियां हरे-भरे पेड़ काटकर तैयार की जा रही हैं। वन विभाग की अनापत्ति लिए बिना ही बेदर्दी से पेड़ काटे जा रहे हैं। इसके चलते कैराना के चारों ओर कृषि योग्य भूमि तेजी से कम हो रही है। किसान ऊंची कीमत के लालच में अपनी जमीन बेच देता है, लेकिन सरकार को राजस्व की भारी क्षति हो रही है।

कथित संरक्षण के दम पर बेलगाम डीलर

सूत्रों के अनुसार कुछ बड़े कालोनाइजरों को कथित संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते वे खुलेआम विभागीय नियमों को ताक पर रखकर काम कर रहे हैं।

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  • बिजलीघर के पास नगर की सबसे बड़ी कालोनी
  • पीयूष अयान आश्रम के सामने विशाल प्लॉटिंग
  • विजय सिंह पथिक महाविद्यालय के पीछे अलीपुर मार्ग पर कालोनी
  • शामली अंडरपास के पास मानकविहीन निर्माण

इन जगहों पर बड़े-बड़े गेट लगाकर, पेड़-पौधे रोपकर विभागों को गुमराह किया जा रहा है।

प्रशासन और विभाग मौन

एमडीए, नगर पालिका, राजस्व, वन विभाग और प्रशासन की उदासीनता के कारण अवैध कालोनियों का यह जाल दिन-दूनी रात-चौगुनी रफ्तार से फैल रहा है। स्थानीय लोग और जागरूक नागरिक लगातार शिकायत कर रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।

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नगरवासियों ने जिलाधिकारी और विकास प्राधिकरण से तत्काल संज्ञान लेकर इन अवैध कालोनियों पर बुलडोजर चलाने और दोषी डीलरों-कालोनाइजरों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कब तक कैराना की बहुमूल्य कृषि भूमि और पर्यावरण को इस तरह बर्बाद होने दिया जाएगा?

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News Desk

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