130 बंदियों-कर्मचारियों ने लिया हिस्सा, भीतरी शांति और सकारात्मकता का अनुभव
अतुल्य भारत चेतना
संवाददाता
छिंदवाड़ा। जिला जेल छिंदवाड़ा में आज एक अत्यंत प्रेरणादायी और महत्वपूर्ण हार्टफुलनेस ध्यान सत्र का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आठवीं बटालियन सेनानी महोदया निवेदिता गुप्ता (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन व प्रेरणा से संपन्न हुआ। जेल अधीक्षक प्रतीक जैन एवं उप जेल अधीक्षक ज्ञानाशु भारती की विशेष उपस्थिति में आयोजित इस सत्र की उन्होंने भरपूर सराहना की और इसे बंदियों के मानसिक सुधार व पुनर्वास के लिए अत्यंत लाभकारी बताया।

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हार्टफुलनेस प्रशिक्षकों ने दी गहन जानकारी
हार्टफुलनेस संस्थान के अनुभवी प्रशिक्षक
- प्र. आर. जगन्नाथ सूर्यवंशी
- प्र. आर. सतीश शर्मा
- प्र. आर. बृजलाल सनोदिया
ने प्रतिभागियों को हार्टफुलनेस ध्यान, मानसिक सफाई, भावनात्मक संतुलन, भीतरी शांति और प्रार्थना की शक्ति के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि यह ध्यान विधि मन को शांत कर आत्मिक ऊर्जा बढ़ाती है और जीवन में सकारात्मकता जगाती है।

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130 नए अभ्यर्थियों ने किया ध्यान अभ्यास
सत्र में जेल के अधिकारी, कर्मचारी एवं बंदी मिलाकर कुल 130 नए अभ्यर्थी उत्साहपूर्वक शामिल हुए। प्रार्थना से शुरुआत कर ध्यान के विभिन्न चरणों का अभ्यास कराया गया। तीसरी परिचयात्मक सीटिंग भी आयोजित की गई। ध्यान के बाद प्रतिभागियों ने बताया कि उन्हें गहरी शांति, हल्कापन और मानसिक स्पष्टता का अनुभव हुआ। कई बंदियों की आंखें नम हो गईं और उन्होंने इसे जीवन का नया अध्याय बताया।
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जेल प्रशासन की सराहना और भविष्य की योजना
जेल अधीक्षक प्रतीक जैन ने कहा, “ऐसे ध्यान सत्र बंदियों के व्यवहार सुधार, तनाव कम करने और समाज में पुनर्स्थापन के लिए बहुत कारगर हैं। हम भविष्य में भी इसे नियमित रूप से आयोजित करेंगे।” कार्यक्रम के अंत में सभी प्रशिक्षकों को जेल प्रशासन की ओर से धन्यवाद दिया गया। पूरा जेल परिसर “ओम शांति” और सकारात्मक ऊर्जा से भर उठा। यह आयोजन जेल सुधार की दिशा में एक अनूठा और सराहनीय कदम साबित हुआ।

