अतुल्य भारत चेतना
सुरेश चौधरी
टीकमगढ़/मध्य प्रदेश। जिला पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई के निर्देशन में चलाए जा रहे अभिनव अभियान ‘नीड, परी, भरोसा, सहारा, आसरा’ के तहत महिला थाना पुलिस ने शहर के विभिन्न सोनोग्राफी सेंटरों व नर्सिंग होमों पर गुरुवार को व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया।
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अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण पर कड़ी नजर
20 नवंबर को महिला थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित विशेष पुलिस टीम ने कई सोनोग्राफी सेंटरों का औचक निरीक्षण किया।
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- केंद्रों में मौजूद महिलाओं-पुरुषों को बेटा-बेटी में भेदभाव न करने और बालिका के महत्व की समझाइश दी गई।
- सेंटर संचालकों व स्टाफ को भ्रूण लिंग परीक्षण के पूर्ण प्रतिबंध और कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी देकर कड़ी चेतावनी जारी की गई।
- मेडिकल स्टोर संचालकों को भी किसी भी संदिग्ध गतिविधि या दवा की बिक्री की तुरंत सूचना पुलिस को देने के सख्त निर्देश दिए गए।
नीड अभियान का प्रभावी परिणाम
पुलिस अधीक्षक की इस सतत एवं संवेदनशील पहल का सकारात्मक असर साफ दिख रहा है।
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- वर्ष 2025 में भ्रूण हत्या के मामलों में पिछले वर्ष 2024 की तुलना में 42.85% की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
- यह कमी अभियान की सफलता, जनजागरूकता और पुलिस-प्रशासन के बेहतर समन्वय का प्रमाण है।
हर चरण में महिला सुरक्षा का संकल्प
‘नीड अभियान’ के तहत जिले के हर थाने में विशेष महिला पुलिस दल गठित किए गए हैं जो
- गर्भावस्था से लेकर वृद्धावस्था तक महिलाओं-बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं।
- स्कूल-कॉलेजों, संस्थानों और समुदायों में निरंतर जागरूकता कार्यक्रम, परामर्श और सुरक्षा प्रशिक्षण दे रहे हैं।
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जिला पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रूण लिंग परीक्षण और कन्या भ्रूण हत्या के विरुद्ध यह मुहिम और तेज होगी, ताकि हर बालिका सुरक्षित जन्म ले सके और सम्मानजनक जीवन जी सके।

