अतुल्य भारत चेतना
वीरेंद्र यादव
छत्तीसगढ़। खेल को जीवन का अभिन्न अंग बताते हुए जिला पंचायत सभापति उर्मिला रविंद्र यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। गांव के युवा आज राष्ट्रीय स्तर पर अपना डंठल लहरा रहे हैं। औद्योगिक नगर मरकिन के निकट ग्राम पंचायत परसदा रेमंड में आयोजित ग्रामीण स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता के मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए उन्होंने कबड्डी को भारत का पारंपरिक लोकप्रिय खेल करार दिया और कहा कि यह खेल न केवल शारीरिक फिटनेस बढ़ाता है, बल्कि दैनिक जीवन में सतर्कता का पाठ भी सिखाता है। प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता में इस बार हजारों क्षेत्रवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो ग्रामीण खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
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कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक तरीके से पूजा-अर्चना के साथ किया गया। कबड्डी मुकाबलों में आसपास के गांवों की टीमें शामिल हुईं, जिन्होंने जोरदार प्रदर्शन कर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। विजयी टीमों को सम्मानित करने के अलावा, सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किए गए। यह आयोजन न केवल खेल भावना को प्रज्वलित करता है, बल्कि ग्रामीण युवाओं में आत्मविश्वास जगाने का माध्यम भी बनता है। मरकिन क्षेत्र, जो औद्योगिक विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखने के लिए जाना जाता है, में ऐसे कार्यक्रम ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं।

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मुख्य अतिथि का प्रेरणादायक संबोधन: खेल से जुड़े जीवन के सूत्र
मुख्य अतिथि उर्मिला रविंद्र यादव ने मंच से बोलते हुए कहा, “खेल हमारे जीवन का अभिन्न अंग है। आज ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। हमारे गांव के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का मान बढ़ा रहे हैं। कबड्डी जैसे पारंपरिक खेल हमें सतर्कता, टीमवर्क और अनुशासन सिखाते हैं, जो दैनिक जीवन में भी उपयोगी हैं। हमें अपने युवाओं को प्रोत्साहित करना चाहिए ताकि वे ओलंपिक जैसे मंचों पर चमक सकें।” उन्होंने ग्रामीण खेल सुविधाओं के विकास पर जोर देते हुए जिला प्रशासन से स्टेडियम और कोचिंग सेंटर स्थापना की मांग भी उठाई। यादव ने कहा कि सरकार की ‘खेलो इंडिया’ योजना के तहत ग्रामीण स्तर पर अधिक निवेश की आवश्यकता है, ताकि प्रतिभाएं छिपी न रहें। उनके इस संदेश ने उपस्थित युवाओं और महिलाओं में उत्साह भर दिया। कई युवा खिलाड़ियों ने बताया कि ऐसी प्रतियोगिताएं उन्हें प्रोफेशनल स्तर तक पहुंचने की प्रेरणा देती हैं।
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प्रमुख अतिथिगण और सहयोगी: एकजुटता का प्रतीक
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में जनपद पंचायत सभापति श्री बालमुकुंद वर्मा उपस्थित रहे, जिन्होंने कहा, “ग्रामीण खेल ग्रामीण विकास का आधार हैं। कबड्डी जैसे खेल नशे और अपराध से दूर रखते हैं।” कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत की सरपंच हेमलता कमलेश नेताम ने की, जबकि उप सरपंच संजय वर्मा ने स्वागत भाषण दिया। रामाधार मरकाम ने आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की।
विशेष सहयोग के लिए प्रमुख भूमिका निभाने वालों में शामिल रहे:
- बसंत वर्मा जी – आयोजन समन्वयक
- बलराम पटेल जी – स्थानीय सहयोगी
- विजय वर्मा जी – खेल प्रोत्साहन समिति सदस्य
- मनोज सिंह चौहान – युवा प्रतिनिधि
- कुलभूषण चंद्राकर जी – सामुदायिक नेता
- संजय वर्मा – युवा कार्यकर्ता
- बालकृष्ण केवट जी – ग्रामीण प्रतिनिधि
- राजा नेटी – खेल आयोजक
- विजेंद्र वर्मा – सहयोगी
- विक्की पटेल – युवा समन्वयक
- अरमान नेताम – स्थानीय युवा
- मुलेश्वर चंद्राकर – सहायक
- मनोज भोई – आयोजन सहयोगी
इनके अलावा, हजारों की संख्या में क्षेत्रवासी—महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग—उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाया। ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से सराहनीय रही, जो खेलों में उनकी बढ़ती रुचि को दर्शाती है।
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प्रभाव और भविष्य की योजनाएं: ग्रामीण खेलों को नई ऊंचाई
यह प्रतियोगिता पिछले वर्षों की तरह ही सफल रही, जिसमें 10 से अधिक टीमों ने भाग लिया। विजेताओं को ट्रॉफी और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए, जबकि सभी को रिफ्रेशमेंट वितरित किया गया। आयोजकों ने घोषणा की कि अगले वर्ष यह प्रतियोगिता और भव्य रूप से आयोजित की जाएगी, जिसमें अंतर-ग्राम स्तर पर मुकाबले शामिल होंगे। उर्मिला रविंद्र यादव ने समापन पर सभी का आभार जताते हुए कहा, “हमें खेल को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। ग्रामीण प्रतिभाओं को मौका मिले, तो वे देश का गौरव बढ़ाएंगी।”

