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अखिल सुर्यवंशी
तामिया। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायी कदम उठाते हुए युग महक फाउंडेशन ने आज शनि मंदिर प्रांगण में एक विशाल पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम के माध्यम से फाउंडेशन ने न केवल स्थानीय समुदाय को हरा-भरा बनाने का संकल्प दिलाया, बल्कि “हर व्यक्ति एक पौधा” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया। नगर के समाजसेवी, युवा, महिलाएं और ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जो इस पहल को पर्यावरण जागरूकता का एक जीवंत उदाहरण बन गया।
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कार्यक्रम का शुभारंभ फाउंडेशन के प्रमुख सदस्यों द्वारा शनि मंदिर के प्रांगण में पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इसके बाद, सभी उपस्थितजन मिलकर पौधारोपण में जुट गए। मुख्य उद्देश्य लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाना, जलवायु संतुलन को बनाए रखना और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करना रहा। फाउंडेशन के अनुसार, यह अभियान तामिया जैसे छोटे नगरों में पर्यावरण संरक्षण को एक सामुदायिक आंदोलन का रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

विस्तृत पौधारोपण: छायादार और औषधीय पौधों का चयन
कार्यक्रम के दौरान कुल 50 से अधिक पौधों का रोपण किया गया, जिनमें पीपल, नीम, बरगद, तुलसी, आंवला और गुलमोहर जैसे छायादार तथा औषधीय गुणों से युक्त प्रजातियां शामिल थीं। इन पौधों का चयन विशेष रूप से इसलिए किया गया था, क्योंकि ये न केवल गर्मी से छाया प्रदान करते हैं, बल्कि पारंपरिक चिकित्सा में भी इनका महत्वपूर्ण स्थान है। पीपल और बरगद जैसे वृक्ष तो धार्मिक महत्व के भी हैं, जो मंदिर प्रांगण की पवित्रता को और बढ़ाते हैं।
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संस्था के पदाधिकारियों ने बताया, “वृक्ष ही जीवन का आधार हैं। इनकी रक्षा से ही हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण की सौगात दे सकते हैं। आज का यह पौधारोपण केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक संकल्प है कि हम प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाए रखें।” फाउंडेशन की महिला विंग की प्रमुख सुश्री राधा शर्मा ने कहा, “महिलाओं और युवाओं की भागीदारी से यह अभियान और मजबूत होता है। हमारा लक्ष्य है कि तामिया हरित नगर बने, जहां हर सड़क, हर प्रांगण हरे-भरे हो।”
सामुदायिक भागीदारी और संकल्प: एकजुटता का प्रतीक
कार्यक्रम में उपस्थित सैकड़ों सदस्यों ने न केवल पौधे लगाए, बल्कि उनकी सुरक्षा और नियमित देखभाल के लिए एक सामूहिक संकल्प भी लिया। स्थानीय ग्राम प्रधान श्री रामलाल पटेल ने अपनी टिप्पणी में कहा, “यह पहल तामिया के लिए एक प्रेरणादायी कदम है। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां वनों की कटाई एक बड़ी समस्या है, वहां ऐसी पहलें वास्तव में बदलाव ला सकती हैं। हम फाउंडेशन के साथ मिलकर आगे भी ऐसे कार्यक्रमों में सहयोग करेंगे।”

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युवाओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। एक युवा प्रतिभागी, कुणाल वर्मा ने बताया, “स्कूल से ही हमें पर्यावरण के बारे में पढ़ाया जाता है, लेकिन आज का यह अनुभव हमें व्यावहारिक रूप से सिखा रहा है। हम प्रतिदिन इन पौधों की देखभाल करेंगे।” महिलाओं ने तुलसी और आंवला जैसे पौधों को विशेष रूप से अपनाया, जो घरेलू उपयोग के लिए भी उपयुक्त हैं।
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पर्यावरण संरक्षण का संदेश: अपील और भविष्य की योजनाएं
कार्यक्रम के समापन पर फाउंडेशन की टीम ने सभी उपस्थितजनों को पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया। अंतिम अपील में कहा गया, “प्रत्येक व्यक्ति को हर वर्ष कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसकी देखभाल करनी चाहिए। हर पौधा एक प्राण है — इसे बचाना हमारा धर्म है।”

