अतुल्य भारत चेतना
प्रमोद कश्यप
रतनपुर। छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक नगरी रतनपुर में संगीत की धुनें गूंज उठीं। नाद ब्रह्म संगीत एकेडमी परिवार ने रविवार को सुबह 10 बजे महामाया सूट भवन प्रांगण में प्रदेश स्तरीय गायन, वादन एवं नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया। विभिन्न जिलों से आए 75 कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह आयोजन न केवल स्थानीय सांस्कृतिक धरोहर को मजबूत करने का माध्यम बना, बल्कि युवा प्रतिभाओं को निखारने का भी अवसर प्रदान किया।

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आयोजन की शुरुआत: श्रद्धा और संगीत का संगम
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं मां महामाया देवी के तैल चित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके बाद मां सरस्वती की भावपूर्ण वंदना प्रस्तुत की गई। तत्पश्चात् छत्तीसगढ़ राज्य गीत “अरपा पैरी के धार, महानदी हे अपार” का सामूहिक गायन किया गया, जो आयोजन को और भी प्रेरणादायक बना। लगभग 8 घंटे तक चली इस प्रतियोगिता में कलाकारों ने शास्त्रीय से लेकर लोक संगीत तक की विविध प्रस्तुतियां दीं, जो भारतीय संगीत की ‘नाद ब्रह्म’ अवधारणा को साकार करती रहीं।

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प्रमुख अतिथि एवं अध्यक्षता
- मुख्य अतिथि: नगर पालिका परिषद रतनपुर के अध्यक्ष श्री लवकुश कश्यप
- अध्यक्षता: क्षेत्र के प्रसिद्ध संगीतकार श्री चैतराम श्रीवास
- विशिष्ट अतिथि: राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित कलाकार एवं संगीतकार श्री कांशीराम साहू; सिद्धिविनायक एवं राधा माधव धाम मंदिर के व्यवस्थापक मंडलेश्वर महंत श्री दिव्य कांत दास जी

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मुख्य अतिथि लवकुश कश्यप ने अपने संबोधन में कहा, “संगीत केवल कला नहीं, बल्कि जीवन का सार है। ऐसे आयोजन रतनपुर की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम हैं।” अध्यक्ष चैतराम श्रीवास ने प्रतिभागियों की सराहना करते हुए एकेडमी की भूमिका को रेखांकित किया।

प्रतियोगिता की झलकियां: 75 कलाकारों की जीवंत प्रस्तुतियां
प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए कलाकारों ने गायन, वादन एवं नृत्य के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता तीन श्रेणियों में आयोजित हुई, जिसमें शास्त्रीय, अर्ध-शास्त्रीय एवं लोक शैलियों का समावेश था। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।

विजेताओं की सूची
नीचे दी गई तालिका में श्रेणीवार विजेताओं का विवरण प्रस्तुत है:
| श्रेणी | प्रथम स्थान | द्वितीय स्थान | तृतीय स्थान |
|---|---|---|---|
| गायन | ज्योति यादव, अमोघ शुक्ला | पियु प्रिया विश्वास, सिल्टी यादव | प्रतिमा साहू, वल्लरी साहू |
| वादन | पुष्पेंद्र साहू (तबला) | अरुण प्रजापति (आक्टोपेड), मयंक बाजपेयी (गिटार) | – |
| नृत्य | नीका गील, नीलम मरकाम | रिषिका मौर्य, आस्था, भाविका, काजल | प्रिषा देवांगन, दिव्या दूबे, श्रद्धा महंती |
सभी विजेताओं को प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो प्रदान किया गया। निर्णायक मंडल में चैतराम श्रीवास, पुष्पराज देवांगन एवं सुश्री नित्या खत्री शामिल थे, जिन्होंने निष्पक्षता से मूल्यांकन किया।

प्रमुख उपस्थित अतिथि एवं सहयोगी
कार्यक्रम में मंचस्थ अतिथियों के अलावा निम्नलिखित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे:
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किशन लाल तंबोली, डॉ. राजेंद्र वर्मा, रामरतन भारद्वाज, शिवकुमार धीवर, कन्हैया कश्यप, पुष्पराज देवांगन, पुष्पराज राजपूत प्रमोद कश्यप, सुश्री वर्षा श्रीवास्तव, रामप्यारी साहू, विजय दानीकर, गुरुदेव सोनी

आयोजन का सफल संचालन एवं समापन
कार्यक्रम का संचालन सरस्वती शिशु मंदिर रतनपुर के प्राचार्य मुकेश श्रीवास्तव ने कुशलतापूर्वक किया, जो दर्शकों को बांधे रखा। आभार प्रदर्शन एकेडमी के प्राचार्य श्री जनक राम साहू ने किया। संगीत एकेडमी के डायरेक्टर दीपक साहू, प्राचार्य जनक राम साहू एवं समिति के अध्यक्ष श्री उत्तम तंबोली के मार्गदर्शन में यह आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हुआ।
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सांस्कृतिक महत्व: नाद ब्रह्म की परंपरा को मजबूती
यह आयोजन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है, जहां संगीत को ‘नाद ब्रह्म’ के रूप में पूजा जाता है। एकेडमी के माध्यम से युवाओं को शास्त्रीय संगीत से जोड़ना न केवल परंपरा का संरक्षण है, बल्कि आधुनिक चुनौतियों के बीच सांस्कृतिक जागरूकता का प्रतीक भी। आयोजकों ने आगामी वर्षों में ऐसे और भव्य कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया।

