अतुल्य भारत चेतना
रईस
बहराइच। नानपारा कोतवाल के मनमाने रवैये और एक प्रतिष्ठित अखबार के संवाददाता पर झूठा मुकदमा दर्ज कराने के विरोध में मंगलवार को सैकड़ों पत्रकार सड़कों पर उतर आए। पत्रकारों ने तहसील मुख्यालय पर जोरदार नारेबाजी करते हुए कोतवाल को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की। पत्रकारों का आरोप है, कि कोतवाल नानपारा द्वारा दो दिन पूर्व प्रेस की स्वतंत्रता को कुचलने का प्रयास करते हुए एक वरिष्ठ पत्रकार के खिलाफ झूठा केस दर्ज किया गया। जिससे पत्रकार समाज में आक्रोश व्याप्त है।

पत्रकारों ने कहा कि यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक ढंग से किया जाएगा। धरने में जिले के विभिन्न मीडिया संस्थानों से जुड़े सैकड़ों पत्रकार शामिल हुए। वक्ताओं ने कहा कि यह केवल एक पत्रकार पर हमला नहीं बल्कि चौथे स्तंभ पर सीधा प्रहार है।
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पत्रकारों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि संबंधित कोतवाल को तत्काल निलंबित कर निष्पक्ष जांच कराई जाए। धरने में वरिष्ठ पत्रकारों ने चेतावनी दी कि यदि दोषी पुलिस अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में जिला मुख्यालय पर विशाल प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर पत्रकार एकजुट होकर “पत्रकार एकता जिंदाबाद” और “तानाशाही नहीं चलेगी” के नारे लगाते हुए प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।

