छात्रों, शिक्षकों व प्रबुद्धजनों ने साझा किए विचार
अतुल्य भारत चेतना
मेहरबान अली कैरानवी
कैराना। विजय सिंह पथिक राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कैराना में जिला प्रशासन के सहयोग से समर्थ उत्तर प्रदेश – विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान के अंतर्गत संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न शिक्षण संस्थानों – बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा, आईटीआई तथा पॉलिटेक्निक के छात्र-छात्राओं, प्रधानाचार्यों, प्राध्यापकों और शिक्षाविदों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता व मुख्य अतिथि
संवाद कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने की, जबकि मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार तिवारी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश शासन की ओर से प्रबुद्ध जनों के रूप में –
- महेश चंद (सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी)
- शैलेन्द्र (सेवानिवृत्त आईआरटीएस अधिकारी)
- डा. नरेश मलिक (पूर्व प्राचार्य, छोटूराम डिग्री कॉलेज, मुजफ्फरनगर)
- डा. संदीप चौधरी (सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ)
- प्रेमचंद गौतम (प्रोजेक्ट डायरेक्टर) विशेष रूप से उपस्थित रहे।
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कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी निधि भारद्वाज, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला सांख्यिकी अधिकारी सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हुए।
वक्ताओं ने रखा दृष्टिकोण
कार्यक्रम में वक्ताओं ने समर्थ उत्तर प्रदेश – विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान के उद्देश्य, दृष्टिकोण और रोडमैप पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला।उन्होंने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रस्तुत विकसित भारत @2047 की अवधारणा को साकार करने के लिए उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने संकल्प लिया है कि वर्ष 2047 तक प्रदेश को पूर्णतः विकसित राज्य बनाया जाएगा।
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नागरिक भागीदारी पर जोर
वक्ताओं ने कहा कि इस मिशन में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे एक समृद्ध, समान और वैश्विक स्तर पर सम्मानित राज्य का निर्माण संभव हो सके। इस अभियान को मार्गदर्शन देने के लिए एक विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जाना प्रस्तावित है।
विजन डॉक्यूमेंट के प्रमुख आयाम
विजन डॉक्यूमेंट तीन मुख्य थीम और बारह प्रमुख सेक्टरों पर केंद्रित होगा –
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तीन थीम
- अर्थ शक्ति
- सृजन शक्ति
- जीवन शक्ति
बारह प्रमुख सेक्टर
- कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र
- पशुधन संरक्षण
- औद्योगिक विकास
- आईटी और इमर्जिंग प्रौद्योगिकी
- पर्यटन
- नगर एवं ग्राम्य विकास
- अवस्थापना (इंफ्रास्ट्रक्चर)
- संतुलित विकास
- समाज कल्याण
- स्वास्थ्य
- शिक्षा
- सुरक्षा एवं सुशासन
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जिलाधिकारी का संबोधन
कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने कहा कि इस प्रकार के संवाद कार्यक्रम भविष्य की नीति निर्माण और विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे। उन्होंने छात्रों और शिक्षकों का आह्वान किया कि वे अपने सुझाव और विचार देकर इस मिशन में सहयोग करें ताकि वर्ष 2047 तक उत्तर प्रदेश को एक आदर्श और विकसित राज्य के रूप में स्थापित किया सके।

