प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन में रखीं 15 से अधिक मांगें
अतुल्य भारत चेतना
ब्युरो चीफ हाकम सिंह रघुवंशी
त्यौंदा/विदिशा। भारतीय किसान संघ ने मंगलवार को त्यौंदा तहसीलदार को प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपकर किसानों की ज्वलंत समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। बड़ी संख्या में किसानों के साथ पहुंचे संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान समय में किसान फसलों के लागत मूल्य न मिलने, सिंचाई, कृषि उपकरणों पर जीएसटी और कर्ज जैसी कई गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। यदि इन्हें समय रहते दूर नहीं किया गया, तो स्थिति और अधिक विकट हो सकती है।

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किसानों की प्रमुख माँगें
ज्ञापन में किसानों ने सरकार से निम्नलिखित महत्वपूर्ण माँगें रखीं –

- कृषि यंत्रों, बीज, रसायनिक दवाइयों एवं कृषि आदान पर जीएसटी पूर्ण रूप से समाप्त किया जाए।
- कृषि उत्पादों की आयात-निर्यात नीति किसान हितैषी बनाई जाए। फसल पकने के समय आयात पर रोक लगाई जाए।
- जीएम फसलों (बीजों) को भारत में किसी भी कीमत पर प्रवेश की अनुमति न दी जाए।
- कपास से हटाई गई इंपोर्ट ड्यूटी तत्काल बहाल की जाए।
- भूमि अधिग्रहण कानून केवल विकास योजनाओं और राष्ट्रीय परियोजनाओं के लिए लागू हो तथा सभी राज्यों में समान कानून बने।

- बैंकिंग प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाते हुए कृषि लोन व केसीसी ऑनलाइन उपलब्ध कराए जाएं। बैंकों की अड़ियल कार्यशैली पर जवाबदेही तय की जाए।
- किसानों की मदद हेतु राष्ट्रीय स्तर पर हेल्पलाइन नंबर और प्रत्येक जिले में समन्वय अधिकारी की नियुक्ति की जाए।
- कृषि कार्य में प्रयुक्त डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए।
- प्रत्येक ग्राम पंचायत में वर्षा मापक यंत्र स्थापित किए जाएं।
- सभी जिलों में कृषि महाविद्यालय खोले जाएं और छोटी कक्षाओं से ही कृषि शिक्षा प्रारंभ की जाए।
- सभी फसलों की खरीद समर्थन मूल्य पर पूरे वर्ष की जाए।
- किसान सम्मान निधि में महंगाई दर के अनुसार वृद्धि कर ₹10,000 प्रति हेक्टेयर की जाए।
- जैविक किसानों को भी सब्सिडी उसी तरह दी जाए जैसे रासायनिक खाद उपयोग करने वाले किसानों को मिलती है।
- फसल बीमा योजना में सैटेलाइट सर्वे की जगह नेत्रांकन व्यवस्था लागू की जाए।

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किसानों की स्थिति पर जताई चिंता
इस अवसर पर किसान संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि आज किसानों को उनकी उपज का लागत मूल्य तक नहीं मिल पा रहा है, जिसके कारण वे लगातार कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं। सरकार को चाहिए कि किसान को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करे।

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ज्ञापन सौंपने वाले प्रमुख
ज्ञापन सौंपने वालों में संभाग जैविक प्रमुख चंद्रमोहन रघुवंशी, जिला मंत्री महेंद्र सिंह रघुवंशी, तहसील अध्यक्ष प्रीतम सिंह राजपूत, तहसील मंत्री माधव प्रसाद दुबे, उपाध्यक्ष नारायण सिंह किरार, उपाध्यक्ष शरद शर्मा, सह मंत्री विजय सिंह राजपूत, युवा वाहिनी संयोजक लक्ष्मण सिंह दांगी, सह संयोजक शेर सिंह पटेल, सहजैविक प्रमुख बृजेश मीणा, मीडिया प्रभारी दिव्यांश दुबे सहित बड़ी संख्या में किसान नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।क्षेत्र के सैकड़ों किसान इस ज्ञापन कार्यक्रम में शामिल हुए और अपनी एकजुटता प्रदर्शित की।

