अतुल्य भारत चेतना
अखिल सुर्यवंशी
छिंदवाड़ा। रक्षाबंधन के द्वितीय दिवस, 10 अगस्त 2025 को छिंदवाड़ा के छोटी बाजार में सार्वजनिक भुजलिया उत्सव समिति द्वारा आयोजित भव्य चल समारोह ने नगर को भक्ति और उल्लास के रंग में सराबोर कर दिया। इस अवसर पर श्री श्याम प्रेमी मित्र मंडल समिति ने बाबा खाटू श्याम जी की मनमोहक और भव्य झांकी प्रस्तुत की, जिसने सभी श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। यह आयोजन छिंदवाड़ा की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर का एक शानदार प्रदर्शन रहा, जिसमें भक्ति, प्रेम, और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला।
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भव्य चल समारोह और झांकी
सार्वजनिक भुजलिया उत्सव समिति, छोटी बाजार द्वारा आयोजित यह चल समारोह नगर के मुख्य मार्गों और पावन गलियों से होकर गुजरा। समारोह का मुख्य आकर्षण श्री श्याम प्रेमी मित्र मंडल समिति द्वारा प्रस्तुत बाबा खाटू श्याम जी की भव्य झांकी थी, जो अपनी सजावट और आध्यात्मिकता के लिए विशेष रूप से चर्चित रही। झांकी में बाबा खाटू श्याम जी की मूर्ति को भव्य रूप से सजाया गया था, जिसने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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जुलूस के दौरान नगर के विभिन्न चौराहों पर श्रद्धालुओं ने बाबा श्याम जी का भव्य और गरिमामय स्वागत किया। जगह-जगह पुष्प वर्षा, आरती, और भक्ति भजनों के साथ बाबा खाटू श्याम जी का पूजन किया गया। ‘खाटू श्याम जी की जय’ और अन्य भक्ति जयकारों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। देर रात तक चले इस समारोह ने नगरवासियों को आनंद और भक्ति के रस में डुबो दिया।
आयोजन में सक्रिय भागीदारी
इस भव्य आयोजन में श्री श्याम प्रेमी मित्र मंडल समिति के सक्रिय सदस्यों की विशेष उपस्थिति रही। मयुर विश्वकर्मा, आदर्श सिंह राजपूत, स्वप्निल सिंह राजपूत, सुमित सूर्यवंशी, पंकज सोनी, आकाश बैस, श्याम रघुवंशी, अभिषेक सोनी, और अखिल सूर्यवंशी सहित समिति के अन्य सदस्यों ने इस समारोह को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इनके प्रयासों से झांकी और समारोह की व्यवस्था सुचारू और भव्य रही।
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भुजलिया उत्सव का महत्व
भुजलिया उत्सव छिंदवाड़ा की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का एक अभिन्न हिस्सा है, जो रक्षाबंधन के द्वितीय दिवस पर आयोजित किया जाता है। यह पर्व वीर आल्हा-ऊदल और पृथ्वीराज चौहान की वीरता की गाथाओं को याद करता है और सामुदायिक एकता को बढ़ावा देता है। इस वर्ष बाबा खाटू श्याम जी की झांकी ने इस उत्सव को और अधिक आध्यात्मिक और भक्तिमय बना दिया। भक्ति और प्रेम का यह संगम न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह सामाजिक सद्भाव और एकता का भी प्रतीक है।
समुदाय की प्रतिक्रिया
छिंदवाड़ा के निवासियों ने इस भव्य आयोजन की जमकर सराहना की। स्थानीय लोगों ने बाबा खाटू श्याम जी की झांकी को ‘मनमोहक’ और ‘अद्भुत’ बताते हुए इसे उत्सव का मुख्य आकर्षण बताया। एक श्रद्धालु ने कहा, “यह झांकी और जुलूस हमें बाबा खाटू श्याम जी के और करीब लाया। भक्ति और प्रेम का यह माहौल अविस्मरणीय है।” आयोजन समिति के सदस्यों और श्री श्याम प्रेमी मित्र मंडल के प्रयासों को सभी ने सराहा।
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सामाजिक और धार्मिक प्रभाव
यह आयोजन न केवल भुजलिया उत्सव की परंपरा को जीवंत रखने में सफल रहा, बल्कि बाबा खाटू श्याम जी की भक्ति को भी जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। देर रात तक चले इस समारोह ने छिंदवाड़ा के नगरवासियों को एकजुट कर भक्ति और उल्लास का एक अनूठा अनुभव प्रदान किया। यह आयोजन सामुदायिक एकता, धार्मिक श्रद्धा, और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बन गया।
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सार्वजनिक भुजलिया उत्सव समिति और श्री श्याम प्रेमी मित्र मंडल द्वारा आयोजित यह चल समारोह छिंदवाड़ा के लिए एक ऐतिहासिक और भक्तिमय क्षण रहा। बाबा खाटू श्याम जी की झांकी और श्रद्धालुओं के जयकारों ने इस उत्सव को एक अविस्मरणीय अनुभव बना दिया, जो नगरवासियों के दिलों में लंबे समय तक जीवंत रहेगा।

