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Nanpara news; नन्हीं कलाइयों से बंधी देशभक्ति की डोर: नानपारा में स्कूली बच्चों ने अधिकारियों और जवानों को बांधी राखी

अतुल्य भारत चेतना
रईस

नानपारा/बहराइच। नानपारा में रक्षाबंधन का पर्व 9 अगस्त 2025 को एक अनूठे और देशभक्ति से ओतप्रोत रंग में मनाया गया। सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने देश की सेवा में तत्पर अधिकारियों और जवानों की कलाई पर राखी बांधकर प्रेम, कृतज्ञता, और देशभक्ति का संदेश दिया। इस आयोजन में स्कूल के सभी वर्गों की छात्राएं शामिल थीं, लेकिन कक्षा 1 से 3 तक के छोटे बच्चों ने अपने उत्साह और जोश से सभी का दिल जीत लिया। इस कार्यक्रम ने भाई-बहन के पवित्र बंधन को न केवल मजबूत किया, बल्कि बच्चों में देशप्रेम, अनुशासन, और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना को भी जागृत किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ: एसडीएम आवास

कार्यक्रम की शुरुआत नानपारा के एसडीएम आवास से हुई, जहां स्कूल की छात्राओं ने एसडीएम साहब को राखी बांधी। बच्चों ने उनके माथे पर तिलक लगाया, मिठाई खिलाई, और उनकी दीर्घायु व सुख-समृद्धि की कामना की। एसडीएम ने इस स्नेहपूर्ण कदम की सराहना करते हुए कहा, “इन नन्हीं कलाइयों से बंधी राखी हमें अपने कर्तव्य की और भी गहराई से याद दिलाती है। यह एक भावनात्मक और प्रेरणादायक अनुभव है।” बच्चों के इस कार्य ने अधिकारियों और समुदाय के बीच एक आत्मीय रिश्ता स्थापित किया।

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एसएसबी जवानों के साथ राखी उत्सव

इसके बाद, बच्चे सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 42वीं और 59वीं बटालियन के कैंप पहुंचे। वहां जवानों ने बच्चों का गर्मजोशी से स्वागत किया। छात्राओं ने जवानों की कलाई पर राखी बांधी और उनके बलिदान व देशसेवा के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। जवानों ने बच्चों से बातचीत की और उनके द्वारा बंधी राखी को “देशभक्ति की अनमोल सौगात” बताया। एक एसएसबी जवान ने भावुक होकर कहा, “घर से दूर रहकर भी हमें आज अपने परिवार का सा स्नेह मिला। इन बच्चों की राखी हमारे लिए बहुत मायने रखती है।” इस पल ने बच्चों और जवानों के बीच एक गहरा भावनात्मक बंधन स्थापित किया।

कोतवाली में पुलिसकर्मियों को राखी

कार्यक्रम के अंत में बच्चे नानपारा कोतवाली पहुंचे, जहां उन्होंने थाना प्रभारी और सिपाहियों को राखी बांधी। बच्चों ने पुलिसकर्मियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे दिन-रात जनसुरक्षा के लिए तत्पर रहते हैं। पुलिस अधिकारियों ने बच्चों के इस प्रयास की सराहना की और उन्हें मिठाई खिलाकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। थाना प्रभारी ने बच्चों को अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा, और समाजसेवा के महत्व के बारे में बताया, जिसने बच्चों को और प्रेरित किया।

विद्यालय प्रबंधन का उद्देश्य

सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल के प्रबंधन ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में देशभक्ति, अनुशासन, सेवा भावना, और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना को जागृत करना था। प्रबंधन ने कहा, “हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे न केवल अपनी पढ़ाई में उत्कृष्ट हों, बल्कि देश और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी समझें। रक्षाबंधन जैसे पर्व हमें यह सिखाते हैं कि प्रेम और विश्वास का बंधन केवल परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की सेवा करने वालों तक भी फैलता है।”

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सामाजिक और भावनात्मक प्रभाव

इस आयोजन ने नानपारा में रक्षाबंधन को एक नया आयाम दिया। बच्चों के इस कदम ने न केवल अधिकारियों और जवानों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी, बल्कि समाज में देशभक्ति और एकता की भावना को भी बढ़ावा दिया। यह कार्यक्रम बच्चों में नैतिक और सामाजिक मूल्यों को स्थापित करने में भी सहायक रहा। स्थानीय लोगों ने इस पहल की जमकर सराहना की और इसे एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया।

समुदाय की प्रतिक्रिया

नानपारा के निवासियों ने स्कूल की इस पहल को “देशभक्ति की डोर” से जोड़ते हुए इसे एक अनूठा और प्रेरणादायक आयोजन बताया। कई लोगों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम बच्चों में छोटी उम्र से ही देशप्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं। अभिभावकों ने भी स्कूल की इस पहल की प्रशंसा की और कहा कि इससे बच्चों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का अवसर मिला।

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नानपारा में सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल द्वारा आयोजित यह रक्षाबंधन उत्सव न केवल भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक रहा, बल्कि देशभक्ति और सामाजिक एकता का एक शानदार उदाहरण भी बना। नन्हे-मुन्ने बच्चों की कलाइयों से बंधी राखी ने एसडीएम, एसएसबी जवानों, और पुलिसकर्मियों के दिलों को छू लिया। यह आयोजन नानपारा के लिए एक यादगार और प्रेरणादायक क्षण बन गया, जो बच्चों और समाज में देशप्रेम की भावना को और मजबूत करेगा।

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News Desk

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