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Bahraich news; बहराइच: राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने पुरानी पेंशन योजना के लिए मुख्यमंत्री से की वार्ता

अतुल्य भारत चेतना
रईस

बहराइच।राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश ने प्राथमिक संवर्ग के उन शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिलाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की, जो 2005 से पहले चयनित हुए थे। महासंघ के संगठन मंत्री महेंद्र कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री आवास पर जाकर इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की और एक पत्रक सौंपा। इस वार्ता में महासंघ ने प्राथमिक शिक्षकों की पुरानी पेंशन योजना से संबंधित मांग को प्रमुखता से उठाया।

महेंद्र कुमार की मांग: प्राथमिक शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ

महेंद्र कुमार ने मुख्यमंत्री से वार्ता के दौरान कहा कि प्रदेश सरकार ने 2005 से पहले चयनित सभी अध्यापकों और कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना से आच्छादित करने का स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किया था। हालांकि, प्राथमिक संवर्ग के शिक्षकों के लिए इस संबंध में अभी तक कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं हुआ है। इससे प्रदेश के लगभग 40,000 से अधिक शिक्षकों में निराशा का माहौल है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुरानी पेंशन योजना शिक्षकों की आर्थिक सुरक्षा और उनके दीर्घकालिक हितों के लिए महत्वपूर्ण है।

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महेंद्र कुमार ने बताया कि प्राथमिक शिक्षक वर्षों से इस मांग को उठा रहे हैं, और इस मुद्दे का समाधान न होने से शिक्षकों का मनोबल प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इस प्रकरण में शीघ्र कार्रवाई की जाए ताकि शिक्षकों को उनका हक मिल सके।

मुख्यमंत्री का आश्वासन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि यह प्रकरण उनके संज्ञान में है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक संवर्ग के शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने के लिए जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया कि सरकार शिक्षकों के हितों के प्रति संवेदनशील है और इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।

प्रतिनिधिमंडल और पत्रक सौंपा गया

वार्ता के दौरान महेंद्र कुमार ने पुरानी पेंशन योजना से संबंधित एक पत्रक मुख्यमंत्री को सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में उच्च शिक्षा, उत्तर मध्य क्षेत्र के प्रमुख प्रो. उदयन और तकनीकी संवर्ग के स्वदेश सिंह भी शामिल थे। इन पदाधिकारियों ने अपने-अपने संवर्ग से जुड़ी समस्याओं को रेखांकित करते हुए अलग-अलग पत्रक भी मुख्यमंत्री को सौंपे। इन पत्रकों में शिक्षकों और कर्मचारियों की विभिन्न मांगों और समस्याओं का उल्लेख किया गया था।

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पुरानी पेंशन योजना का महत्व

पुरानी पेंशन योजना शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा उपाय है, जो सेवानिवृत्ति के बाद उनकी आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करती है। 2005 से पहले चयनित कर्मचारियों को इस योजना का लाभ देने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया था, लेकिन प्राथमिक संवर्ग के शिक्षकों के लिए अभी तक इसकी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ इस मुद्दे को लंबे समय से उठा रहा है और इसे लागू कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

शिक्षकों में उम्मीद की किरण

मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद शिक्षकों में इस बात को लेकर उम्मीद जगी है कि जल्द ही उनकी मांग पूरी होगी। महेंद्र कुमार ने कहा, “मुख्यमंत्री ने हमारी बात को गंभीरता से सुना और हमें विश्वास दिलाया है कि प्राथमिक शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ जल्द मिलेगा। यह शिक्षकों के लिए एक बड़ी राहत होगी।”

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की भूमिका

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश शिक्षकों और कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। संगठन ने पुरानी पेंशन योजना को लागू कराने के लिए विभिन्न मंचों पर अपनी आवाज बुलंद की है। इस वार्ता ने महासंघ के प्रयासों को और मजबूती प्रदान की है, और यह शिक्षकों के लिए एक सकारात्मक कदम साबित हो सकता है।

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बहराइच में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रतिनिधिमंडल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच हुई इस वार्ता ने प्राथमिक संवर्ग के शिक्षकों की पुरानी पेंशन योजना की मांग को एक नया आयाम दिया है। मुख्यमंत्री के आश्वासन और महासंघ के निरंतर प्रयासों से शिक्षकों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा। यह वार्ता न केवल शिक्षकों के हितों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकार और संगठन मिलकर शिक्षकों की समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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News Desk

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