अतुल्य भारत चेतना
विकास चौहान
शिमला। पिछले एक दशक से चौपाल क्षेत्र में घुमंतू गुर्जरों की आबादी में लगातार वृद्धि देखी गई है, जिससे स्थानीय निवासियों में असंतोष बढ़ रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि घुमंतू गुर्जर बिना किसी वैध लाइसेंस या अनुमति के हिमाचल प्रदेश में प्रवेश कर रहे हैं और अस्थायी निवास स्थापित कर रहे हैं। इस प्रक्रिया में, वे बड़ी संख्या में वृक्षों की कटाई कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र के पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है।
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प्रदर्शन का विवरण
दिनांक 19 मई 2025 को, श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के नेतृत्व में सैकड़ों स्थानीय लोग और संगठन के सदस्य चौपाल तहसील में एकत्र हुए। प्रदर्शन के दौरान, नारेबाजी और शांतिपूर्ण धरने के माध्यम से अपनी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाया गया। प्रदर्शनकारियों ने निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखीं:

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- अवैध वृक्ष कटाई पर रोक: घुमंतू गुर्जरों द्वारा बिना अनुमति के पेड़ काटने की गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए।
- अवैध प्रवेश और अस्थायी निवास पर नियंत्रण: बिना वैध दस्तावेजों के हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करने और अस्थायी निवास स्थापित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
- पर्यावरण संरक्षण: वृक्षों की कटाई से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
ज्ञापन सौंपा गया
प्रदर्शन के अंत में, करणी सेना के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने SDM चौपाल को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि घुमंतू गुर्जरों की गतिविधियों से न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि स्थानीय समुदाय की आजीविका और सुरक्षा पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ज्ञापन में प्रशासन से अनुरोध किया गया कि इस मामले की गहन जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
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स्थानीय जनता की चिंताएं
स्थानीय निवासियों ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में घुमंतू गुर्जरों की बढ़ती गतिविधियों ने क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावित किया है। एक स्थानीय निवासी, रमेश ठाकुर, ने कहा, “हमारे जंगल हमारी धरोहर हैं। इनकी अवैध कटाई से न केवल हमारी आजीविका प्रभावित हो रही है, बल्कि भविष्य में गंभीर पर्यावरणीय संकट भी उत्पन्न हो सकता है।”
करणी सेना का बयान
श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के एक पदाधिकारी ने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल विरोध करना नहीं, बल्कि पर्यावरण और स्थानीय समुदाय के हितों की रक्षा करना है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए और तत्काल कार्रवाई की जाए।”
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प्रशासन की प्रतिक्रिया
SDM चौपाल ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया कि मामले की जांच की जाएगी और उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि प्रशासन पर्यावरण संरक्षण और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
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चौपाल में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना और स्थानीय जनता द्वारा आयोजित यह धरना-प्रदर्शन पर्यावरण संरक्षण और अवैध गतिविधियों के खिलाफ एकजुटता का प्रतीक रहा। यह प्रदर्शन न केवल स्थानीय मुद्दों को उजागर करता है, बल्कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस नीतियों की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।

